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राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर अकाल तख्त जत्थेदार और SGPC अध्यक्ष नाराज, बोले- सिख बंदियों के साथ भेदभाव क्यों?
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा- दशकों से जेल में बंद सिख कैदियों को परिवार से मिलने तक की पैरोल नहीं, सरकार अपनाए मानवीय रुख
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोबारा 21 दिन की पैरोल मिलने पर अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सवाल उठाए हैं। दोनों ने सिख बंदियों के मामलों में अलग मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल दिए जाने के फैसले पर सिख धार्मिक नेतृत्व ने कड़ी आपत्ति जताई है। अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सिख बंदियों के मामलों में अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर उठाए सवाल
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके राम रहीम को बार-बार पैरोल दी जा रही है। दूसरी ओर, ऐसे सिख बंदी जो दशकों से जेल में हैं, उन्हें अपने बीमार परिजनों से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं मिल रही।उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से सिख समुदाय में असंतोष है और बंदियों के मामलों में समान नीति अपनाई जानी चाहिए।
जगतार सिंह हवारा का मामला उठाया
जत्थेदार गर्गज ने जेल में बंद सिख कैदी जगतार सिंह हवारा का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय लंबे समय से हवारा को पैरोल देने की मांग कर रहा है, ताकि वह अपनी बुजुर्ग और बीमार मां से मुलाकात कर सकें।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राम रहीम को बार-बार जेल से बाहर आने की अनुमति दी जा रही है, तो हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल क्यों नहीं दी जा रही।
उन्होंने इसे सरकार का दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि मानवीय आधार पर जगतार सिंह हवारा को अपनी मां से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
कई सिख बंदियों की रिहाई का मुद्दा उठाया
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि कई सिख बंदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिहाई का मामला लंबित है। उन्होंने बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का भी उल्लेख किया।
जत्थेदार गर्गज ने कहा कि जगतार सिंह हवारा को अपनी मां से मिलने का अवसर नहीं देना मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए हवारा को पैरोल दी जाए।
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी जताई आपत्ति
SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है।
धामी ने सिख बंदियों के मामलों में समानता और न्याय के आधार पर निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Key Highlights:
- गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल दिए जाने पर सिख धार्मिक नेतृत्व ने सवाल उठाए।
- अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
- जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल देने की मांग की गई।
- जत्थेदार ने कई सिख बंदियों की लंबित रिहाई का मुद्दा भी उठाया।
- बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का उल्लेख किया गया।
- SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी राम रहीम की बार-बार पैरोल पर आपत्ति जताई।
- सरकार से सिख बंदियों के मामलों में मानवीय और समान रवैया अपनाने की अपील की गई।
FAQ Section:
राम रहीम को पैरोल मिलने पर किसने सवाल उठाए हैं?
अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर सवाल उठाए हैं।
जगतार सिंह हवारा को लेकर क्या मांग की गई है?
जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने सरकार से जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की अपील की है, ताकि वह अपनी बुजुर्ग और बीमार मां से मुलाकात कर सकें।
किन सिख बंदियों के मामलों का उल्लेख किया गया?
जत्थेदार ने जगतार सिंह हवारा के अलावा बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भेओरा और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर के मामलों का भी उल्लेख किया।
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने क्या कहा?
हरजिंदर सिंह धामी ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सरकार का पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैया बताया।
Conclusion:
गुरमीत राम रहीम को दोबारा पैरोल दिए जाने के फैसले ने सिख बंदियों की रिहाई और पैरोल का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है। अकाल तख्त जत्थेदार और SGPC अध्यक्ष ने सरकार से सभी बंदियों के मामलों में समानता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। खास तौर पर जगतार सिंह हवारा को उनकी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल देने की अपील की गई है।
