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अमृतसर में ‘इकोसेवा’ की तीन दिवसीय स्वच्छता रैली, पृथ्वी दिवस पर जागी सामूहिक जिम्मेदारी
“गुरु नगरी दी शान, सफाई साड़ी पहचान” अभियान के तहत नागरिकों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
पृथ्वी दिवस के मौके पर अमृतसर में इकोसेवा द्वारा तीन दिवसीय स्वच्छता और जागरूकता रैली आयोजित की गई। इसमें छात्रों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर शहर को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पृथ्वी दिवस के अवसर पर अमृतसर में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना देखने को मिली, जब ‘इकोसेवा’ ने “गुरु नगरी दी शान, सफाई साड़ी पहचान” के बैनर तले तीन दिवसीय स्वच्छता और जागरूकता रैली का आयोजन किया।
इस पहल ने न केवल शहर के विभिन्न वार्डों के नागरिकों को जोड़ा, बल्कि शहर के प्रति गर्व और पर्यावरणीय मूल्यों को भी मजबूत किया।
इस रैली में छात्रों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई की, कचरे के पृथक्करण (सेग्रिगेशन) को बढ़ावा दिया और टिकाऊ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाई।
सड़कों, पार्कों और सामुदायिक स्थानों को स्वच्छता और शिक्षा के केंद्र में बदल दिया गया, जो ‘गुरु की नगरी’ की पवित्रता को बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अभियान की शुरुआत करने वाली मीनाक्षी खन्ना ने निधि सिंधवानी, अन्य स्वयंसेवकों और नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर कहा,
“इकोसेवा का उद्देश्य केवल कभी-कभार सफाई अभियान चलाना नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जीवनशैली बनाना है। हम लोगों को कचरा अलग-अलग करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और सोच-समझकर उपभोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।”
तीन दिवसीय इस रैली में जमीनी स्तर पर भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। स्वयंसेवकों ने घर-घर और दुकानदारों से बातचीत कर उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों का सम्मान करने और पर्यावरण की जिम्मेदारी लेने का संदेश दिया।
निधि सिंधवानी ने कहा,
“यह पहल इस बात की याद दिलाती है कि टिकाऊ शहर केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनते, बल्कि आम लोगों के रोज़मर्रा के कार्यों से बनते हैं।”
इकोसेवा का लक्ष्य अमृतसर को लंबे समय में स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता का एक आदर्श शहर बनाना है। इसके लिए संगठन भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की योजना बना रहा है।
