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फिरोजाबाद के कांच उद्योग पर पश्चिम एशिया संकट की मार, उत्पादन में भारी गिरावट
गैस आपूर्ति बाधित होने से फैक्ट्रियां बंद, ‘सुहाग नगरी’ का कारोबार प्रभावित
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण फिरोजाबाद के कांच और चूड़ी उद्योग को गैस की कमी से भारी नुकसान हो रहा है।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, जिसे ‘सुहाग नगरी’ के नाम से जाना जाता है, का कांच और चूड़ी उद्योग पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। Iran, Israel और United States के बीच जारी तनाव ने आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, उत्पादन घट रहा है और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर कम हो रहे हैं।
इस संकट की मुख्य वजह कांच भट्टियों को चलाने के लिए आवश्यक ईंधन की आपूर्ति में अचानक आई बाधा है। फिरोजाबाद का उद्योग मुख्य रूप से रीगैसिफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) पर निर्भर है, लेकिन मौजूदा हालात में इसकी सप्लाई प्रभावित हो गई है।
शहर की 200 पंजीकृत कांच इकाइयों में से अब केवल 130 से 140 ही चालू हैं, जबकि बाकी को बंद करना पड़ा है।
इंडस्ट्रियल एस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष बिन्नी मित्तल ने बताया कि गैस आपूर्ति में कटौती और ऑर्डर में कमी के कारण उत्पादन 50 से 60 प्रतिशत तक गिर गया है। साथ ही, Gas Authority of India Limited (GAIL) द्वारा दी जाने वाली गैस भी इस संकट से प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है।
ग्लास मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश बंसल टोनी ने बताया कि Qatar से आने वाली RLNG सप्लाई पर हालिया हमलों का असर पड़ा है। यह गैस फिरोजाबाद को मिलने वाली कुल गैस आपूर्ति का लगभग आधा हिस्सा है, जो अब उपलब्ध नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि स्पॉट गैस का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसकी कीमत सामान्य गैस से चार गुना अधिक है, जिससे उद्योग चलाना लगभग असंभव हो गया है।
इस संकट ने न केवल स्थानीय उद्योग को प्रभावित किया है, बल्कि हजारों कामगारों की आजीविका पर भी खतरा पैदा कर दिया है।

