उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर आतंक मचाने वाला तेंदुआ 15 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया

कुशीनगर और पश्चिम चंपारण के गांवों में चार महीने से दहशत फैला रहा था तेंदुआ, शुक्रवार को 8 घंटे में 6 लोगों को किया घायल

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उत्तर प्रदेश और बिहार सीमा के कई गांवों में आतंक का कारण बना तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार देर रात पकड़ लिया गया। पुलिस, वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने करीब 15 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसे बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया।

उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के गांवों में दहशत फैलाने वाले तेंदुए को शुक्रवार देर रात करीब 15 घंटे लंबे संयुक्त रेस्क्यू अभियान के बाद पकड़ लिया गया। इस अभियान में पुलिसकर्मी, वन्यजीव विशेषज्ञ और वन विभाग के अधिकारी शामिल थे।

बताया जा रहा है कि यह तेंदुआ पिछले करीब चार महीनों से इलाके में घूम रहा था। शुक्रवार को मात्र आठ घंटे के भीतर उसने छह लोगों को घायल कर दिया, जिससे कुशीनगर जिले और बिहार के पश्चिम चंपारण क्षेत्र के गांवों में दहशत फैल गई।

एक अधिकारी ने बताया, “घायल ग्रामीणों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।” अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से तेंदुआ सीमा क्षेत्र के गांवों में लोगों पर हमला कर रहा था, जिसके कारण ग्रामीण लगातार भय के माहौल में जी रहे थे।

कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) केशव कुमार ने बताया कि गुरुवार देर रात तेंदुआ जटहां बाजार थाना क्षेत्र के माघी कोटिलवा गांव में घुस आया था। वहां उसने कई जगहों पर ग्रामीणों पर हमला किया और फिर आसपास के गांवों की ओर बढ़ गया।

शुक्रवार सुबह हालात और तनावपूर्ण हो गए, जब तेंदुआ फिर आबादी वाले इलाकों के पास दिखाई दिया। इसके बाद प्रशासन ने गोरखपुर चिड़ियाघर की विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया, जो ट्रैंक्विलाइजर गन और सुरक्षा उपकरणों से लैस थी।

डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) विकास यादव ने बताया कि तेंदुआ आश्रय की तलाश में रिहायशी इलाकों और गन्ने के खेतों में घुस गया था। ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचना दी कि वह अलग-अलग बस्तियों में लोगों पर हमला कर रहा है।

उन्होंने कहा, “तेंदुए की गतिविधियों की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और विशेष रेस्क्यू टीम ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया था।”

डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और घनी झाड़ियों, पुलियों तथा सीमा क्षेत्र की खाली पड़ी इमारतों में छिप रहा था। इसी कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल हो गया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश वन विभाग ने बिहार वन विभाग से भी मदद मांगी।

लगातार निगरानी और सभी टीमों के समन्वित प्रयासों के बाद आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से बेहोश कर पकड़ लिया गया। इस अभियान में न तो किसी स्थानीय निवासी को नुकसान पहुंचा और न ही तेंदुए को कोई चोट आई।

अधिकारियों के अनुसार, अंततः तेंदुआ सीमा के पास एक गांव की पुलिया में छिपा मिला, जहां विशेषज्ञों ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर उसे ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से बेहोश किया। बाद में उसे मेडिकल जांच और निगरानी के लिए सुरक्षित बाड़े में भेज दिया गया।

इस बीच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और जवानों के साथ दुर्व्यवहार भी किया, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।Screenshot_1205

Edited By: Karan Singh

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