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वाराणसी में दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मिली रफ्तार, 53 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक
वरुणा और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
वाराणसी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो गया है। परियोजनाओं के दायरे में आने वाले 53 गांवों और भूमि खंडों की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
दो मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मिली गति
वाराणसी जिला प्रशासन ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। दोनों परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन ने इनके प्रस्तावित मार्ग में आने वाले 53 गांवों और संबंधित भूमि खंडों की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने और परियोजनाओं में किसी तरह की बाधा से बचने के लिए उठाया गया है।
21 किलोमीटर लंबा होगा वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किए जाने वाले चार लेन वाले वरुणा लिंक एलिवेटेड कनेक्टर कॉरिडोर की कुल लंबाई 21.153 किलोमीटर होगी।यह कॉरिडोर वरुणा नदी के समानांतर बनाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। यह मार्ग सदर और पिंडरा तहसील के 41 गांवों से होकर गुजरेगा।
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा शहर की नई लाइफलाइन
प्रस्तावित छह लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर को वाराणसी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
यह मार्ग विश्व सुंदरी पुल के बाएं छोर से शुरू होकर लगभग 2.5 किलोमीटर तक सामने घाट पुल पहुंचेगा। इसके बाद यह करीब 6 किलोमीटर का सफर तय करते हुए रामनगर के रास्ते नमो घाट तक जाएगा और वहां से सीधे रिंग रोड के गंगा ब्रिज से जुड़ जाएगा।
इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
53 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
परियोजनाओं के लिए चिन्हित 53 गांवों और भूमि खंडों में किसी भी प्रकार की जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, यह प्रतिबंध परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के बाद वाराणसी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन तेज और सुगम होने की संभावना है।
Key Highlights:
- वाराणसी में वरुणा और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मिली मंजूरी।
- 53 गांवों और भूमि खंडों की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक।
- 21.153 किलोमीटर लंबा होगा वरुणा लिंक एलिवेटेड कॉरिडोर।
- छह लेन वाला गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की नई कनेक्टिविटी बढ़ाएगा।
- परियोजनाओं से ट्रैफिक जाम कम होने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद।
FAQ Section:
Q1. किन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हुआ है?
वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं पर।
Q2. कितने गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है?
कुल 53 गांवों और संबंधित भूमि खंडों में।
Q3. वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर कितना लंबा होगा?
यह लगभग 21.153 किलोमीटर लंबा होगा।
Q4. गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य क्या है?
शहर में ट्रैफिक दबाव कम करना और बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना।
Q5. वरुणा कॉरिडोर किस एजेंसी द्वारा बनाया जाएगा?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा।
Conclusion:
वाराणसी में प्रस्तावित वरुणा और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के लिए 53 गांवों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की कनेक्टिविटी और ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

