टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत में जहां संजू सैमसन को उनकी 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और जसप्रीत बुमराह को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए सराहना मिली, वहीं भारत के उप-कप्तान अक्षर पटेल का योगदान भी बेहद अहम रहा।
अक्षर पटेल ने मैच में केवल तीन ओवर गेंदबाजी की और दो गेंदों का सामना किया, लेकिन उनकी दो शानदार कैचों ने मैच पर गहरा प्रभाव डाला।
इनमें से पहला कैच हैरी ब्रूक को आउट करने के लिए लिया गया और यह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर कैचों में से एक—1983 विश्व कप फाइनल में कपिल देव द्वारा विवियन रिचर्ड्स को आउट करने के लिए लिया गया कैच—की याद दिलाने वाला था। उस कैच के बिना भारत शायद 1983 का विश्व कप नहीं जीत पाता।
यह तुलना 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व भारतीय ओपनर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने की। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर अक्षर पटेल की एथलेटिक क्षमता की जमकर तारीफ की।
श्रीकांत ने कहा, “यह बिल्कुल अलग स्तर का कैच था। वह भी बुमराह की पहली ही गेंद पर। ब्रूक ने गेंद को दूर मारा और अक्षर लगभग 20 गज पीछे भागे, फिर डाइव लगाकर कैच लिया। पूरे समय उनकी नजर गेंद पर ही थी।”
उन्होंने कहा कि पीछे की ओर दौड़ते हुए कैच लेना बेहद मुश्किल होता है और अगर एक पल के लिए भी गेंद नजर से ओझल हो जाए तो डाइव लगाकर कैच लेना और भी कठिन हो जाता है।
तकनीकी रूप से देखें तो ब्रूक का यह कैच फील्डिंग का बेहतरीन उदाहरण था। अक्षर पटेल ने गेंद को कंधे के ऊपर से लगातार ट्रैक किया, अपनी रफ्तार से काफी दूरी तय की और सही समय पर खुद को गेंद के नीचे सेट कर लिया। इसके बाद उन्होंने आखिरी क्षण में डाइव लगाकर कैच पूरा किया।
श्रीकांत ने कहा, “इस कैच ने मुझे कपिल देव द्वारा विवियन रिचर्ड्स को आउट करने के लिए लिया गया कैच याद दिला दिया। अक्षर पटेल का यह कैच शानदार था।”
