केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को सिरसा जिले के रानिया क्षेत्र के मस्तानगढ़ गांव स्थित नामधारी डेरा मस्तानगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संप्रदाय के आध्यात्मिक प्रमुख से आशीर्वाद लिया और समुदाय की सामाजिक सुधार तथा देशभक्ति की समृद्ध परंपरा की सराहना की।
यह दौरा वार्षिक होला मोहल्ला समारोह के अवसर पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल बडोली भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि नामधारी परंपराएं आध्यात्मिकता, सामाजिक सेवा और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत संगम हैं।
उन्होंने कहा, “इस पवित्र अवसर पर यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उन्होंने यह भी कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने होला मोहल्ला की शुरुआत केवल रंगों के त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक के रूप में की थी।
नड्डा ने नामधारी समुदाय द्वारा शिक्षा के प्रसार, गौ संरक्षण, नशामुक्ति अभियान और आपदा राहत कार्यों में निभाई जा रही भूमिका की भी सराहना की।
उन्होंने केंद्र सरकार के हर साल ‘वीर बाल दिवस’ मनाने के निर्णय का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सिख बालकों की वीरता को सम्मान देना और उनकी विरासत को संरक्षित रखना है।
उन्होंने लोगों से एकता, सौहार्द और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर संप्रदाय प्रमुख उदय सिंह ने नामधारी धर्म में समानता और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सतगुरु राम सिंह की शिक्षाओं को याद करते हुए बताया कि उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया, विधवा विवाह का समर्थन किया और महिलाओं को समान धार्मिक अधिकार देने की वकालत की थी।
