टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में Suryakumar Yadav की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर जीत की राह पर वापसी की। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ एक वर्चुअल क्वार्टरफाइनल मुकाबले की नींव भी रखी गई।
हालांकि जीत के बावजूद भारतीय गेंदबाजी में कुछ कमियां नजर आईं, खासकर छठे गेंदबाजी विकल्प के रूप में उतरे Shivam Dube के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे। दुबे ने अपने दो ओवर में 46 रन लुटा दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने दो नो-बॉल और चार वाइड गेंदें भी डालीं, जिससे उनकी लय पर सवाल खड़े हुए। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वे महंगे साबित हुए थे।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Michael Vaughan का मानना है कि यदि मुकाबला करीबी होता तो दुबे को दो ओवर नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा, “छठे गेंदबाज ने दो ओवर में 46 रन दिए। अगर यह कोई और मैच होता, तो शायद उन्हें ये दो ओवर नहीं मिलते। कप्तान को पता था कि टीम जीत की स्थिति में है, इसलिए उन्हें मौका दिया गया। लेकिन अगर भविष्य में भी वे इसी तरह गेंदबाजी करते हैं, तो इसका मतलब होगा कि भारत दबाव में है।”
वहीं भारतीय बल्लेबाज Ajinkya Rahane ने कहा कि दुबे की गेंदबाजी में सबसे चिंताजनक पहलू अतिरिक्त रन (नो-बॉल और वाइड) हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि दुबे को आगे भी गेंदबाजी करनी है, तो उनके लिए अलग रणनीति तैयार करनी होगी।
रहाणे ने कहा, “शिवम दुबे के लिए सबसे नुकसानदेह उनकी नो-बॉल और एक्स्ट्रा रन रहे। अगर उन्हें गेंदबाजी करनी है, तो उनके लिए अलग रणनीति बनानी होगी। उनके पास अतिरिक्त उछाल है और अच्छा स्लोअर बाउंसर भी है। अगर वे सीधी लाइन पर बदलाव के साथ गेंदबाजी करें तो प्रभावी हो सकते हैं। लेकिन ऑफ स्टंप से काफी बाहर गेंदबाजी करना उनकी ताकत नहीं है।”
भारत ने भले ही मुकाबला आसानी से जीत लिया हो, लेकिन आगामी नॉकआउट चरण को देखते हुए टीम प्रबंधन को गेंदबाजी संयोजन पर गंभीरता से विचार करना होगा।

