हरियाणा विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर फिर से शुरू हुई चर्चा के दौरान सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।
कांग्रेस विधायक और पहलवान Vinesh Phogat ने अभिभाषण में खेलों का उल्लेख न होने पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “हरियाणा की पहचान खिलाड़ियों से है और राज्यपाल के अभिभाषण में खेलों का जिक्र न होना दर्शाता है कि सरकार इस क्षेत्र को कितनी गंभीरता से लेती है।” उन्होंने सरकारी खेल स्टेडियमों की स्थिति को “दयनीय” बताया।
फोगाट ने दावा किया कि 2008 से 2024 के बीच भारत ने ओलंपिक में 24 पदक जीते, जिनमें सबसे अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल विभाग के अधीन 245 स्टेडियम हैं और 1,584 कोचों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अधिकांश पद खाली पड़े हैं।
कांग्रेस विधायक बलवान सिंह ने भी बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि युवाओं के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्होंने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि निर्णय हरियाणा के पक्ष में आया है, अब उसे लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “हमने कहा था कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से समय लें, लेकिन भाजपा सरकार इस मुद्दे पर टालमटोल कर रही है।”
सत्तापक्ष की ओर से राय से भाजपा विधायक कृष्णा गहलावत ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिला है और हरियाणा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाने को तैयार है।
गहलावत ने दावा किया कि 2014 से पहले राज्य में लिंगानुपात 871 था, जो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के चलते बढ़कर 923 हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है और सरकार ने महिलाओं के हित में कई पहल की हैं।

