ICC T20 World Cup के सुपर-8 चरण में घटनाक्रम ने रोमांचक मोड़ ले लिया है। 177 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने एकतरफा मुकाबले में 16.1 ओवर में नौ विकेट शेष रहते जीत दर्ज की, जिससे भारत के लिए नेट रन रेट का दबाव काफी हद तक समाप्त हो गया।
भारत को अपने पहले सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से करारी हार झेलनी पड़ी थी, जो टी20 विश्व कप इतिहास में रन के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार थी। उस समय टीम का नेट रन रेट -3.800 था और आशंका थी कि यदि वेस्टइंडीज ने एडेन मार्करम की टीम को हरा दिया तो भारत के लिए स्थिति बेहद कठिन हो सकती है। हालांकि प्रोटियाज की जीत से यह समीकरण अप्रासंगिक हो गया और भारतीय खेमे ने राहत की सांस ली।
चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के खिलाफ निर्णायक प्रदर्शन किया। कप्तान Suryakumar Yadav की अगुवाई में टीम ने आक्रामक शुरुआत की और 256/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
जवाब में सिकंदर रजा की अगुवाई वाली जिम्बाब्वे की टीम 184/6 तक ही पहुंच सकी और भारत ने 72 रन से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ भारत का नेट रन रेट सुधरकर -0.100 हो गया।
अब भारत का अगला और अंतिम सुपर-8 मुकाबला 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा, जो एक तरह से क्वार्टरफाइनल जैसा मुकाबला होगा। इस मैच का विजेता ग्रुप-1 से दक्षिण अफ्रीका के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनेगा। वहीं, भारत की जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है।

