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NCR में बनेंगी 4 नई ‘नमो सिटीज’, राज्यों के बीच होगी प्रतिस्पर्धा; विकास के लिए मिलेंगे 5,000 करोड़ रुपये
Regional Plan-2041 के तहत दिल्ली का दबाव कम करने के लिए विकसित किए जाएंगे नए शहरी केंद्र, मेट्रो कनेक्टिविटी के आधार पर होगा विकास
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चार नई ग्रीनफील्ड ‘नमो सिटीज’ विकसित करने की घोषणा की गई है। इन शहरों के विकास के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है और राज्यों को प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए चयनित किया जाएगा।
NCR में शुरू होगी ‘नमो सिटी’ परियोजना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने चार नई ग्रीनफील्ड शहरी इकाइयों, यानी ‘नमो सिटीज’, के निर्माण की योजना बनाई है। यह पहल प्रस्तावित Regional Plan-2041 का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या और बुनियादी ढांचे के दबाव को कम करना है।
इस घोषणा की जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक के बाद दी।
5,000 करोड़ रुपये के फंड के लिए राज्यों में होगी प्रतिस्पर्धा
केंद्र सरकार ने इन नए शहरों के विकास के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड निर्धारित किया है।चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
- NCR से जुड़े प्रत्येक राज्य को तीन संभावित शहरों के प्रस्ताव देने होंगे।
- हर राज्य तीन अलग-अलग विकास योजनाएं प्रस्तुत करेगा।
- चुनौती आधारित चयन प्रक्रिया (Challenge Process) के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रस्तावों का चयन किया जाएगा।
- अंतिम रूप से चार शहरों को ‘नमो सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
NCRPB की बैठक में लिया गया अहम फैसला
बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे:
- Rekha Gupta
- Nayab Singh Saini
- उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि
बैठक में Regional Plan-2041 को अंतिम रूप देने और NCR के भविष्य के शहरी विकास पर व्यापक चर्चा की गई।
मेट्रो पहुंच वाले क्षेत्रों को मिलेगा प्राथमिकता विकास
मनोहर लाल ने कहा कि सरकार की योजना उन क्षेत्रों को विकसित करने की है जहां मेट्रो नेटवर्क पहुंचेगा।
उन्होंने बताया कि इन नए शहरों को दिल्ली की तरह Transit Oriented Development (TOD) नीति के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि आवास, व्यवसाय, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
दिल्ली पर दबाव कम करना है मुख्य उद्देश्य
Regional Plan-2041 का मुख्य लक्ष्य NCR में विकेंद्रीकृत शहरीकरण (Decentralised Urbanisation) को बढ़ावा देना है।
सरकार का मानना है कि दिल्ली पर लगातार बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित करना जरूरी है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- दिल्ली में जनसंख्या दबाव कम करना
- नए रोजगार केंद्र विकसित करना
- बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना
- आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करना
- संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना
2041 तक NCR में तेजी से बढ़ेगी शहरी आबादी
बैठक में पेश किए गए अनुमानों के अनुसार NCR में शहरीकरण की गति आने वाले वर्षों में और तेज होगी।
अनुमानित आंकड़े
- 2031 तक NCR की लगभग 57% आबादी शहरी क्षेत्रों में रह सकती है।
- 2041 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 67% तक पहुंच सकता है।
- अगले दशक में NCR की कुल आबादी 15 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
सरकार का मानना है कि इस बढ़ती आबादी को संभालने के लिए नए विकास केंद्रों की आवश्यकता होगी।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने पेश किए अपने दावेदार शहर
नमो सिटी परियोजना की घोषणा के साथ ही विभिन्न राज्यों ने संभावित शहरों के नाम भी सुझाने शुरू कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री AK Sharma ने नोएडा-दादरी-जेवर-बुलंदशहर कॉरिडोर को संभावित नमो सिटी के रूप में प्रस्तावित किया है।
राजस्थान का प्रस्ताव
राजस्थान के शहरी विकास विभाग ने अलवर और भरतपुर को मजबूत दावेदार बताया है। अधिकारियों का मानना है कि NCR में उनकी रणनीतिक स्थिति और विकास क्षमता उन्हें उपयुक्त विकल्प बनाती है।
एकीकृत और आधुनिक शहरों के रूप में विकसित होंगी नमो सिटीज
प्रस्तावित नमो सिटीज को केवल आवासीय क्षेत्र नहीं बल्कि पूर्ण विकसित शहरी केंद्रों के रूप में तैयार किया जाएगा।
इन शहरों में होंगी प्रमुख सुविधाएं
- आधुनिक आवासीय परियोजनाएं
- रोजगार और औद्योगिक केंद्र
- मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन
- शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थान
- सामाजिक एवं नागरिक बुनियादी ढांचा
इनका उद्देश्य लोगों को रोजगार, आवास और सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध कराना है ताकि दिल्ली की ओर पलायन कम हो सके।
Key Highlights:
- NCR में चार नई ग्रीनफील्ड नमो सिटीज विकसित की जाएंगी।
- परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित।
- राज्यों को तीन-तीन प्रस्ताव भेजने होंगे।
- चयन चुनौती आधारित प्रक्रिया से होगा।
- मेट्रो कनेक्टिविटी और TOD मॉडल पर होगा विकास।
- 2041 तक NCR की आबादी 15 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान।
- दिल्ली पर बढ़ते दबाव को कम करना मुख्य लक्ष्य।
FAQ Section:
Q1. नमो सिटी क्या है?
A. यह पूरी तरह नई विकसित की जाने वाली ग्रीनफील्ड शहरी इकाई होगी, जिसे आधुनिक सुविधाओं और रोजगार केंद्रों के साथ विकसित किया जाएगा।
Q2. नमो सिटीज के लिए कितना फंड निर्धारित किया गया है?
A. अगले पांच वर्षों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है।
Q3. शहरों का चयन कैसे होगा?
A. राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में से चुनौती आधारित प्रक्रिया के जरिए शहरों का चयन किया जाएगा।
Q4. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या और बुनियादी ढांचे के दबाव को कम करना तथा नए आर्थिक केंद्र विकसित करना।
Q5. कौन-कौन से शहर संभावित दावेदार हैं?
A. उत्तर प्रदेश ने नोएडा-दादरी-जेवर-बुलंदशहर क्षेत्र का प्रस्ताव दिया है, जबकि राजस्थान ने अलवर और भरतपुर का नाम सुझाया है।
Conclusion:
Regional Plan-2041 के तहत प्रस्तावित नमो सिटीज NCR के शहरी विकास का नया अध्याय साबित हो सकती हैं। बढ़ती आबादी और दिल्ली पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार अब नए, आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यदि योजना सफल होती है, तो यह NCR के संतुलित और टिकाऊ विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

