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हिसार: GJUST में हंगामे के मामले में JJP के 6 कार्यकर्ता गिरफ्तार
VC कार्यालय में तोड़फोड़ और पुलिस से झड़प का आरोप, दुष्यंत चौटाला ने कार्रवाई को बताया अत्यधिक
गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने JJP के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
हिसार पुलिस ने शुक्रवार को गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (GJUST) के वाइस चांसलर कार्यालय में हुए हंगामे के मामले में जननायक जनता पार्टी (JJP) के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आपराधिक अतिक्रमण, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस कर्मियों पर हमला करने के आरोप शामिल हैं। घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं, JJP नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रही थी, हालांकि घटना के दौरान कुछ गमले टूट गए थे।
दुष्यंत ने आरोप लगाया कि पुलिस की प्रतिक्रिया अत्यधिक थी और दावा किया कि पुलिस ने देर रात कई JJP कार्यकर्ताओं के घरों में तलाशी ली, जिसमें एक महिला नेता का घर भी शामिल था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी पुलिस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि JJP नेता दिग्विजय चौटाला अन्य कार्यकर्ताओं के साथ हिसार पुलिस के सामने गिरफ्तारी देंगे।
यह घटना तब हुई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और पूर्व अनुभवों के आधार पर प्रस्तावित “स्टूडेंट डायलॉग” कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
विश्वविद्यालय की शिकायत के अनुसार, लगभग 250-260 लोग यादव धर्मशाला के पास एकत्र हुए और वहां से विश्वविद्यालय की ओर मार्च किया। आरोप है कि गेट नंबर 3 पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई।
शिकायत में कहा गया कि समूह जबरन परिसर में घुसा और शैक्षणिक माहौल को बाधित करने की कोशिश की। इसके बाद वे वाइस चांसलर कार्यालय की ओर बढ़े और वहां आक्रामक व्यवहार किया, जिससे स्टाफ और छात्रों में डर का माहौल बन गया।
आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के अनुसार, आरोपियों ने VC कार्यालय के मुख्य गेट को तोड़ने की कोशिश की और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर अनिल कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जितेंद्र श्योराण, विजेंद्र, गौरव, तरुण गोयल, दीपक और रविंदर कुमार उर्फ रवि अधाना के रूप में हुई है।
