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NIT में दो महीनों में चार आत्महत्याओं के बाद छात्रों का प्रदर्शन, CBI जांच की मांग
छात्रों ने अकादमिक दबाव और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, रातभर चला धरना
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में लगातार आत्महत्या के मामलों के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर CBI जांच की मांग की। उन्होंने अकादमिक दबाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में पिछले दो महीनों में चार आत्महत्या के मामलों के बाद छात्रों ने इन घटनाओं की CBI जांच की मांग की है।
घटनाओं को लेकर नाराजगी और चिंता जताते हुए सैकड़ों छात्र देर रात संस्थान परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने “वी वांट जस्टिस” जैसे नारे लगाए और NIT प्रशासन के साथ बहस भी की।
छात्रों का कहना था कि उन पर अत्यधिक अकादमिक दबाव है और ऐसे मामलों में प्रशासन की प्रतिक्रिया समय पर नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार को कथित रूप से आत्महत्या करने वाली दीक्षा दुबे का शव काफी देर तक लटका रहा, जबकि उसे पहले ही देखा जा चुका था।
छात्रों ने कुछ प्रोफेसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन पर संवेदनहीन व्यवहार का आरोप लगाया गया। छात्रों के अनुसार, एक प्रोफेसर ने उन्हें यह तक कह दिया कि वे संस्थान में आत्महत्या करने के बजाय ब्रह्म सरोवर में जाकर ऐसा करें।
अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने धरना दिया और नारेबाजी की। इसके बाद NIT प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। प्रशासन और पुलिस को छात्रों को मनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार छात्रों ने सुबह करीब 3 बजे यह आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अकादमिक नियम, री-अपीयर परीक्षाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं और कुछ प्रोफेसरों के व्यवहार जैसे मुद्दे उठाए।
इस बीच, हालिया घटनाओं के बाद NIT प्रशासन ने तैयारी अवकाश (प्रिपरेटरी हॉलिडे) पहले घोषित कर दिया है। गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 17 अप्रैल से 4 मई तक अवकाश रहेगा। थ्योरी परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
हालांकि, छात्रों ने इस फैसले का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह कदम मामले को दबाने के लिए उठाया गया है। इस घोषणा के बाद कई छात्र शुक्रवार को अपने घरों के लिए रवाना होने लगे।
एक NIT अधिकारी ने बताया कि छात्रों ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें से कुछ—खासकर अकादमिक नियमों से जुड़ी—केवल सीनेट द्वारा तय की जा सकती हैं। अन्य मांगों, जैसे री-अपीयर परीक्षा, फीस और छोटे मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को प्रशासन ने गर्ल्स हॉस्टल की निगरानी के लिए नए चीफ वार्डन और डिप्टी चीफ वार्डन की नियुक्ति की, साथ ही दो नए एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) भी नियुक्त किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, छात्रों के अनुरोध पर एक प्रोफेसर का स्थानांतरण भी किया गया है।
NIT के जनसंपर्क प्रभारी ज्ञान भूषण ने कहा, “छात्रों को तनावमुक्त वातावरण देने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान सत्र 22 अप्रैल को समाप्त होना था, लेकिन छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अवकाश पहले कर दिया गया है। प्रशासन सभी मांगों पर विचार कर रहा है।”
