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बाढ़ नियंत्रण तैयारियों पर भड़के मंत्री अनिल विज, निरीक्षण में मिली खामियों पर अधिकारियों को लगाई फटकार
नदियों, नालों और पंपिंग स्टेशनों का चार घंटे तक किया निरीक्षण, सात दिन में प्रगति रिपोर्ट तलब
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अधूरी तैयारियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बाढ़ से बचाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे अनिल विज
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शनिवार को अंबाला छावनी क्षेत्र में नदियों, नालों और पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ उपायुक्त अजय सिंह तोमर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
करीब चार घंटे तक चले निरीक्षण में कई स्थानों पर तैयारियां अधूरी मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
निरीक्षण से पहले ही शुरू हुई सफाई, मंत्री ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अनिल विज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विभागों को सफाई और रखरखाव कार्य की याद तभी आती है जब निरीक्षण का कार्यक्रम घोषित होता है।उन्होंने कहा कि केवल दिखावे के लिए किए जाने वाले कार्यों से समस्या का समाधान नहीं होगा और वास्तविक सुधार जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
सात दिन में दोबारा होगा निरीक्षण
मंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि सात दिनों के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर सभी स्थानों का पुनः निरीक्षण कराया जाए।
यह समिति कार्यों की प्रगति और जहां लापरवाही पाई जाएगी, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपेगी।
घसीटपुर में कॉजवे को बताया जल निकासी में बाधा
निरीक्षण के दौरान अनिल विज ने टांगरी नदी पर घसीटपुर में बने कॉजवे का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बरसात के दौरान यह छोटा कॉजवे पानी के प्रवाह में बड़ी बाधा बन जाता है।
कॉजवे हटाने और लकड़ी का अस्थायी पुल बनाने के निर्देश
मंत्री ने कॉजवे को हटाने के आदेश देते हुए कहा कि उसकी जगह अस्थायी लकड़ी का पुल बनाया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही भी प्रभावित न हो और बारिश का पानी भी बिना रुकावट बह सके।
गुडगुडिया नाले की खराब स्थिति पर जताई चिंता
रेलवे कॉलोनी के पास स्थित गुडगुडिया नाले का निरीक्षण करते समय मंत्री ने पाया कि नाला झाड़ियों और गाद से बुरी तरह भरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि नाले का आकार काफी संकरा हो चुका है और यदि समय रहते इसकी सफाई नहीं हुई तो मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
जलभराव रोकने के लिए समय पर कार्रवाई जरूरी
अनिल विज ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढ़ना नहीं, बल्कि समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित करना है। यदि सभी खामियों को जल्द दूर कर लिया जाए तो अंबाला छावनी क्षेत्र को बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं से बचाया जा सकता है।
विभागीय जवाबदेही तय करने पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
Key Highlights:
- मंत्री अनिल विज ने नदियों, नालों और पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण किया।
- चार घंटे के निरीक्षण में कई स्थानों पर अधूरी तैयारियां सामने आईं।
- अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सात दिन में प्रगति रिपोर्ट मांगी गई।
- घसीटपुर में टांगरी नदी पर बने कॉजवे को हटाने के निर्देश दिए गए।
- गुडगुडिया नाले में झाड़ियां और गाद मिलने पर नाराजगी जताई गई।
- बाढ़ और जलभराव रोकने के लिए समय पर कार्रवाई पर जोर दिया गया।
- लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए गए।
FAQ Section:
Q1. अनिल विज ने किस उद्देश्य से निरीक्षण किया?
उन्होंने बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी की तैयारियों का जायजा लेने के लिए निरीक्षण किया।
Q2. निरीक्षण के दौरान क्या खामियां सामने आईं?
कई स्थानों पर सफाई कार्य अधूरा मिला और कुछ नालों में गाद व झाड़ियां जमा पाई गईं।
Q3. घसीटपुर में क्या निर्देश दिए गए?
टांगरी नदी पर बने कॉजवे को हटाकर अस्थायी लकड़ी का पुल बनाने के निर्देश दिए गए।
Q4. सात दिन में क्या होगा?
एक उच्चस्तरीय समिति सभी स्थानों का दोबारा निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
Q5. मंत्री ने अधिकारियों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि निरीक्षण का असर जमीन पर दिखना चाहिए और बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों में कोई लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
Conclusion:
मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण व्यवस्थाओं का अनिल विज द्वारा किया गया निरीक्षण प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने वाला साबित हुआ। निरीक्षण में मिली कमियों पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित समय में आवश्यक कार्य पूरे किए जाते हैं, तो अंबाला छावनी क्षेत्र को संभावित बाढ़ और जलभराव की समस्याओं से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

