फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी, महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली के जनकपुरी में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा

On

गुरुग्राम पुलिस ने क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से फर्जी लिंक भेजकर लोगों के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग करते थे।

क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर चल रहा था साइबर ठगी का खेल

गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के जनकपुरी इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब पांच महीनों से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे और पुलिस की नजरों से बचने के लिए हर 10 से 15 दिनों में अपना ठिकाना बदल लेते थे।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 11 मार्च को हुई, जब एक व्यक्ति ने दक्षिण साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का दावा करने वाले एक व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उसके साथ लगभग 28 हजार रुपये की ठगी हुई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जनकपुरी में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा

जांच के दौरान पुलिस को दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में संचालित एक संदिग्ध कॉल सेंटर की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर वहां से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

  • राहुल (33), निवासी बलजीत नगर, दिल्ली
  • अनुज पाल (20), निवासी इंदरपुरी, दिल्ली
  • गौरव (24), निवासी इंदरपुरी, दिल्ली
  • मुकुल किरार (22), निवासी इंदरपुरी, दिल्ली
  • आंचल (21), निवासी तिलक नगर, दिल्ली

बैंक प्रतिनिधि बनकर करते थे लोगों से संपर्क

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को फोन कर खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते थे और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव देते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को मुख्य साजिशकर्ता द्वारा ग्राहकों का डेटा उपलब्ध कराया जाता था। इसके आधार पर वे संभावित पीड़ितों से संपर्क करते थे।

फर्जी लिंक भेजकर हासिल करते थे जानकारी

आरोपी लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी दर्ज करता, आरोपी उस डेटा का दुरुपयोग कर लेते थे।

क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि फर्जी लिंक के जरिए प्राप्त जानकारी का उपयोग कर आरोपी पीड़ितों के क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन सामान खरीदते थे।

खरीदे गए सामान को या तो मुख्य आरोपी को सौंप दिया जाता था या फिर आरोपी स्वयं उसे बेच देते थे, खासकर जब सामान की कीमत 5,000 से 7,000 रुपये के बीच होती थी।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस पूरे नेटवर्क के मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी साझा करते समय पूरी सावधानी बरतें।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेते हैं, इसलिए किसी भी ऑफर या कॉल की सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है।


Key Highlights:

  • गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया।
  • क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी की जा रही थी।
  • एक महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • आरोपी हर 10-15 दिन में अपना ठिकाना बदलते थे।
  • फर्जी लिंक भेजकर लोगों की जानकारी हासिल की जाती थी।
  • चोरी की गई जानकारी से ऑनलाइन खरीदारी की जाती थी।
  • मुख्य आरोपी की तलाश और जांच जारी है।

FAQ Section:

Q1. यह साइबर ठगी किस तरह की थी?

आरोपी क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों को फर्जी लिंक भेजते थे और उनकी जानकारी हासिल कर लेते थे।

Q2. पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?

इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Q3. फर्जी कॉल सेंटर कहां संचालित किया जा रहा था?

यह कॉल सेंटर दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में चलाया जा रहा था।

Q4. पीड़ित के साथ कितनी ठगी हुई थी?

शिकायतकर्ता के अनुसार उसके साथ लगभग 28,000 रुपये की ठगी हुई थी।

Q5. पुलिस ने लोगों को क्या सलाह दी है?

अनजान लिंक पर क्लिक न करने और बैंकिंग जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


Conclusion:

गुरुग्राम पुलिस की इस कार्रवाई ने एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है, जो क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। यह मामला एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। नागरिकों को ऑनलाइन लेनदेन और बैंकिंग संबंधी संदेशों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे ऐसे साइबर अपराधों का शिकार न बनें।Screenshot_2157

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

हर रविवार युवाओं को खेल से जोड़ रहा शहीद भगत सिंह लीजेंड्स फुटबॉल क्लब, नौरा स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले

Advertisement

नवीनतम

हर रविवार युवाओं को खेल से जोड़ रहा शहीद भगत सिंह लीजेंड्स फुटबॉल क्लब, नौरा स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले हर रविवार युवाओं को खेल से जोड़ रहा शहीद भगत सिंह लीजेंड्स फुटबॉल क्लब, नौरा स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले
शहीद भगत सिंह लीजेंड्स बंगा ब्लॉक फुटबॉल क्लब हर रविवार युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के...
अमृतसर-तरनतारन के व्यापारियों की समस्याएं वित्त मंत्री के सामने उठीं, किराया, मुआवजा और होटल रेगुलराइजेशन पर जोर
फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी, महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
नशों के खिलाफ जंग के दूसरे चरण को तेज करने की तैयारी, तरनतारन में विधायक हरमीत सिंह संधू ने की विशेष बैठक
बाढ़ नियंत्रण तैयारियों पर भड़के मंत्री अनिल विज, निरीक्षण में मिली खामियों पर अधिकारियों को लगाई फटकार
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software