पटियाला लाठीचार्ज के विरोध में तरनतारन में फूटा गुस्सा, कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने सरकार को घेरा

बेरोजगार लाइनमैनों पर कार्रवाई की निंदा, विभिन्न संगठनों ने कर्मचारी आंदोलनों के समर्थन में जताई एकजुटता

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पटियाला में बेरोजगार लाइनमैनों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तरनतारन में कई कर्मचारी, पेंशनर और सामाजिक संगठनों ने बैठकें आयोजित कर घटना की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने इसे कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

पटियाला लाठीचार्ज के खिलाफ तरनतारन में विभिन्न संगठनों का विरोध

पटियाला में बेरोजगार लाइनमैनों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को तरनतारन में कई कर्मचारी, पेंशनर और जनसंगठनों ने बैठकें आयोजित कर घटना की कड़ी आलोचना की। संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर हमला बताते हुए सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

बैठकों में वक्ताओं ने कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं से एकजुट रहने तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने जताई नाराजगी

पेंशनर्स एंड सीनियर सिटिजन वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक जिला अध्यक्ष अजीत सिंह फतेहचक की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने पटियाला की घटना की निंदा करते हुए कहा कि बेरोजगार युवाओं और कर्मचारियों की मांगों को बलपूर्वक दबाने की बजाय उनका समाधान किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों को सतर्क रहने का आह्वान

बैठक में विभिन्न यूनियन नेताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों से संगठित रहने और भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहने की अपील की।

वक्ताओं का कहना था कि कर्मचारी और बेरोजगार वर्ग अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और उनकी आवाज को दबाने के प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।

पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी की निंदा

दूसरी ओर पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से भी एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता गुरप्रीत सिंह मन्नान ने की।

बैठक में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की गई।

नौकरी की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी

गुरप्रीत सिंह मन्नान ने कहा कि आंदोलन कर रहे कर्मचारी और बेरोजगार युवा रोजगार की मांग उठा रहे थे और अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।

कर्मचारी संगठनों ने दिखाई एकजुटता

बैठकों में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि कर्मचारियों, पेंशनरों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि संबंधित घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाए।

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण आंदोलन और अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कर्मचारियों और युवाओं से संयम बनाए रखने के साथ-साथ अपने अधिकारों के लिए संगठित प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।


Key Highlights:

  • पटियाला लाठीचार्ज के विरोध में तरनतारन में कई बैठकें आयोजित।
  • पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने घटना की निंदा की।
  • पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी विरोध दर्ज कराया।
  • कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के समर्थन में एकजुटता दिखाई गई।
  • यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों को संगठित रहने की अपील की।
  • शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार की रक्षा की मांग उठी।
  • समस्याओं के समाधान के लिए संवाद पर जोर दिया गया।

FAQ Section:

Q1. तरनतारन में बैठकें क्यों आयोजित की गईं?

पटियाला में बेरोजगार लाइनमैनों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बैठकें आयोजित कीं।

Q2. किन संगठनों ने घटना की निंदा की?

पेंशनर्स एंड सीनियर सिटिजन वेलफेयर एसोसिएशन और पावरकॉम पेंशनर्स एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने घटना की आलोचना की।

Q3. बैठकों में क्या मांग उठाई गई?

कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से करने की मांग की गई।

Q4. यूनियन नेताओं ने क्या संदेश दिया?

उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों से संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने की अपील की।

Q5. प्रदर्शनकारी किस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे थे?

प्रदर्शनकारी रोजगार और भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।


Conclusion:

पटियाला में हुए लाठीचार्ज की प्रतिक्रिया अब विभिन्न जिलों में दिखाई देने लगी है। तरनतारन में आयोजित बैठकों ने यह संकेत दिया है कि कर्मचारी और पेंशनर संगठन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। संगठनों ने सरकार से संवाद और समाधान का रास्ता अपनाने की अपील करते हुए कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के साथ एकजुटता व्यक्त की है।Screenshot_2162

Edited By: Karan Singh

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