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दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर हिरासत में, वीडियो वायरल होने के बाद रिहा
पेपर लीक के खिलाफ अभियान चला रहे जयदेव डागर ने हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया, युवाओं की आवाज उठाने का किया दावा
रोहतक के जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले जयदेव डागर को कथित हिरासत
रोहतक के जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर को शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय पुलिस द्वारा कथित रूप से हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि डागर अपने समर्थकों के साथ राजधानी दिल्ली जा रहे थे, जहां Cockroach Janta Party (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन आयोजित किया गया था। बाद में उन्हें शाम के समय सांपला पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें जयदेव डागर पुलिस अधिकारियों से अपनी हिरासत को लेकर सवाल करते नजर आए।वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना लिया है।
पेपर लीक मुद्दे को लेकर पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
जयदेव डागर पिछले महीने भी रोहतक में कथित पेपर लीक मामलों के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित कर चुके हैं। यह प्रदर्शन भी Cockroach Janta Party (CJP) के बैनर तले किया गया था, जिसमें युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था।
हिरासत को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला
रिहा होने के बाद डागर ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि वह युवाओं के हितों और उनकी समस्याओं को उठाने का काम कर रहे हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
‘युवाओं के मुद्दे उठाता रहूंगा’
जयदेव डागर ने कहा कि उनका अभियान जनहित और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि कथित रूप से जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ उनकी आवाज आगे भी बुलंद रहेगी और वह युवाओं की समस्याओं को लगातार उठाते रहेंगे।
सुबह से पुलिस निगरानी का लगाया आरोप
डागर के अनुसार, वह शनिवार सुबह 7 बजे से पहले दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि खरावड़ बाईपास से ही पुलिस वाहन उनका पीछा कर रहे थे।
उनका कहना है कि बाद में उन्हें और उनके समर्थकों को रोककर हिरासत में लिया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
घटना के बाद हिरासत और रिहाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, जबकि प्रशासनिक पक्ष की ओर से अभी विस्तृत बयान का इंतजार है।
Key Highlights:
- जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर को दिल्ली जाते समय कथित रूप से हिरासत में लिया गया।
- डागर जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
- हिरासत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- शाम को उन्हें सांपला पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया।
- डागर ने कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
- उन्होंने युवाओं के मुद्दे उठाते रहने का संकल्प दोहराया।
- पिछले महीने भी उन्होंने कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किया था।
FAQ Section:
Q1. जयदेव डागर कौन हैं?
जयदेव डागर रोहतक के जिला परिषद सदस्य हैं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज उठाते रहे हैं।
Q2. उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया?
उनका आरोप है कि दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय उन्हें और उनके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
Q3. क्या उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया?
हां, उन्हें शनिवार शाम को सांपला पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया।
Q4. यह प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर था?
प्रदर्शन कथित पेपर लीक और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।
Q5. डागर ने हिरासत पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
Conclusion:
जयदेव डागर की कथित हिरासत और बाद में रिहाई का मामला अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर एक नई बहस को जन्म दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

