- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- हरियाणा में Cooperative Group Housing Societies पर बढ़ सकती है जवाबदेही, Right to Service Act में ला...
हरियाणा में Cooperative Group Housing Societies पर बढ़ सकती है जवाबदेही, Right to Service Act में लाने की सिफारिश
राइट टू सर्विस कमीशन ने सरकार को लिखा पत्र, सोसायटी मामलों में देरी और कथित भ्रष्टाचार पर जताई चिंता
हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने Cooperative Group Housing Societies को Right to Service Act के दायरे में लाने की सिफारिश की है, ताकि मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।
Cooperative Group Housing Societies को लेकर बड़ा प्रस्ताव
हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर Cooperative Group Housing Societies को Right to Service Act के तहत लाने की सिफारिश की है।
कमीशन का मानना है कि इससे सोसायटी से जुड़े मामलों का तेजी और तय समय सीमा में निपटारा संभव हो सकेगा।
गुरुग्राम की NGO की शिकायत के बाद उठाया कदम
कथित भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का मुद्दा उठा
कमीशन ने यह कदम गुरुग्राम की संस्था “Citizens for Responsibility, Accountability and Transparency” की ओर से मिली शिकायत के बाद उठाया।संस्था के अध्यक्ष पवन कुमार बंसल ने आरोप लगाया कि Cooperative Group Housing Societies में कई मामलों में लोगों को अनावश्यक देरी, परेशानियों और कथित भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है।
किन मामलों में हो रही है परेशानी?
कमीशन के अनुसार सोसायटी निवासियों को खास तौर पर निम्न मामलों में दिक्कतें आती हैं:
- शेयर सर्टिफिकेट ट्रांसफर
- उत्तराधिकार (Succession) संबंधी मामले
- नॉमिनेशन प्रक्रिया
- दस्तावेज सत्यापन और मंजूरी
इन मामलों में फिलहाल कोई निर्धारित समय सीमा तय नहीं है, जिसके कारण लोगों को बार-बार आपत्तियों और देरी का सामना करना पड़ता है।
“समय सीमा नहीं होने से बढ़ रही जवाबदेही की कमी”
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर
राइट टू सर्विस कमीशन ने अपने पत्र में कहा कि मामलों के निपटारे के लिए तय समय सीमा न होने से जवाबदेही की कमी बनी रहती है।
कमीशन का मानना है कि यदि Cooperative Group Housing Societies को Right to Service Act के तहत शामिल किया जाता है, तो:
- मामलों का समयबद्ध समाधान होगा
- लोगों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब इस प्रस्ताव पर हरियाणा सरकार और सहकारिता विभाग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सरकार इस सिफारिश को लागू करती है, तो राज्य में लाखों सोसायटी निवासियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
Key Highlights:
- हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन की बड़ी सिफारिश
- Cooperative Group Housing Societies को Act के दायरे में लाने का प्रस्ताव
- गुरुग्राम की NGO की शिकायत के बाद उठाया गया मुद्दा
- शेयर ट्रांसफर और नॉमिनेशन मामलों में देरी पर चिंता
- पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
FAQ Section:
Q1. किस आयोग ने यह सिफारिश की है?
हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने।
Q2. किसे पत्र लिखा गया है?
सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव को।
Q3. मुख्य समस्या क्या बताई गई?
सोसायटी मामलों में अनावश्यक देरी, बार-बार आपत्तियां और कथित भ्रष्टाचार।
Q4. इस प्रस्ताव से क्या फायदा होगा?
मामलों का समयबद्ध निपटारा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
Conclusion:
हरियाणा में Cooperative Group Housing Societies को Right to Service Act के तहत लाने की सिफारिश को प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सोसायटी निवासियों को लंबे समय से चली आ रही देरी और परेशानियों से राहत मिल सकती है।

