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11 साल के लक्ष्यव ने पंजाब किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, नेशनल के लिए किया क्वालिफाई
कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल के छात्र ने अंडर-42 किलोग्राम वर्ग में दिखाया दम, अब मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में करेगा पंजाब का प्रतिनिधित्व
कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जालंधर के 11 वर्षीय लक्ष्यव ने 22वीं कैडेट पंजाब किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। उनकी सफलता ने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है।
11 साल के लक्ष्यव ने बढ़ाया पंजाब का मान
जहां अधिकतर बच्चे इस उम्र में पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहीं 11 वर्षीय लक्ष्यव ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल के कक्षा 6 के छात्र लक्ष्यव ने हाल ही में आयोजित 22वीं कैडेट पंजाब किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
यह प्रतियोगिता जालंधर कैंट स्थित बीडी आर्य कॉलेज में आयोजित की गई थी।
अंडर-42 किलोग्राम वर्ग में जीता गोल्ड
23 जिलों के 450 खिलाड़ियों को दी चुनौती
लक्ष्यव ने अंडर-42 किलोग्राम प्वाइंट फाइट कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।इस प्रतियोगिता में:
- पंजाब के 23 जिलों से करीब 450 खिलाड़ियों ने भाग लिया
- लक्ष्यव ने कठिन मुकाबलों में जीत दर्ज की
- राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए
अब वह अगले महीने मध्य प्रदेश में होने वाली नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे।
किंडरगार्टन से शुरू हुआ मार्शल आर्ट्स का सफर
कोविड के दौरान रुका अभ्यास
लक्ष्यव का मार्शल आर्ट्स सफर काफी छोटी उम्र से शुरू हो गया था। उन्होंने किंडरगार्टन के समय ही कराटे की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
वह अपने कोच यादविंदर गुप्ता के मार्गदर्शन में लगातार प्रशिक्षण ले रहे हैं।
हालांकि कोविड महामारी के दौरान उनकी ट्रेनिंग प्रभावित हुई थी। लक्ष्यव की मां डॉ. कर्णिका, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं, ने बताया:
“कोविड के दौरान कुछ समय के लिए हमने उनकी कराटे क्लास बंद करवा दी थी। 2023 में उन्होंने दोबारा नियमित अभ्यास शुरू किया और सिर्फ तीन साल में राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना ली।”
संतुलित जीवनशैली बनी सफलता की कुंजी
घर का साधारण भोजन और नियमित अभ्यास
लक्ष्यव की सफलता के पीछे कोई विशेष फिटनेस रूटीन या महंगी डाइट नहीं है।
उनकी मां ने बताया कि:
- लक्ष्यव घर का संतुलित और पौष्टिक भोजन करते हैं
- नियमित एक्सरसाइज और फिटनेस पर ध्यान दिया जाता है
- अनुशासन उनकी सबसे बड़ी ताकत है
नेशनल चैंपियनशिप बनी परिवार की प्राथमिकता
छुट्टियों की योजना में करना पड़ा बदलाव
लक्ष्यव के पिता संदीप राणा मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और फिलहाल समुद्री यात्रा पर हैं। परिवार ने छुट्टियों में उनके साथ समय बिताने की योजना बनाई थी, लेकिन अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता को प्राथमिकता दी गई है।
डॉ. कर्णिका ने कहा:
“हमारी छुट्टियों की योजना में बदलाव करना पड़ेगा क्योंकि नेशनल चैंपियनशिप की तारीखें उसी दौरान हैं। लेकिन फिलहाल यह प्रतियोगिता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
खेल के साथ अनुशासन भी सीख रहे लक्ष्यव
कभी गलत इस्तेमाल नहीं किया प्रशिक्षण का
लक्ष्यव की मां के अनुसार, वह बेहद शांत और अनुशासित स्वभाव के हैं।
उन्होंने कहा:
“अगर कोई उन्हें उकसाता भी है, तब भी वह कभी आक्रामक व्यवहार नहीं करते।”
Key Highlights:
- 11 वर्षीय लक्ष्यव ने पंजाब किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
- अंडर-42 किलोग्राम प्वाइंट फाइट कैटेगरी में हासिल की जीत
- राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुए चयनित
- कोविड के बाद दोबारा शुरू की ट्रेनिंग
- अनुशासन और संतुलित जीवनशैली बनी सफलता की वजह
FAQ Section:
Q1. लक्ष्यव किस स्कूल के छात्र हैं?
कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल के।
Q2. लक्ष्यव ने कौन-सी प्रतियोगिता जीती?
22वीं कैडेट पंजाब किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026।
Q3. लक्ष्यव ने किस श्रेणी में गोल्ड मेडल जीता?
अंडर-42 किलोग्राम प्वाइंट फाइट कैटेगरी में।
Q4. अब लक्ष्यव कहां प्रतियोगिता खेलेंगे?
मध्य प्रदेश में होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में।
Conclusion:
कम उम्र में लक्ष्यव की यह उपलब्धि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का शानदार उदाहरण है। उनकी सफलता न केवल युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी बल्कि यह भी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से छोटी उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।

