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राजस्थान का बड़ा जल प्रोजेक्ट: हथिनी कुंड बैराज से चूरू तक बनेगी भूमिगत यमुना नहर
हरियाणा के छह जिलों से गुजरेगी 295 किमी लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन, राजस्थान उठाएगा पूरा खर्च
राजस्थान सरकार ने हथिनी कुंड बैराज से चूरू जिले तक यमुना जल पहुंचाने के लिए भूमिगत नहर परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। यह परियोजना हरियाणा और राजस्थान के बीच जल साझेदारी समझौते के तहत प्रस्तावित की गई है।
यमुना जल को लेकर राजस्थान की बड़ी योजना
राजस्थान ने हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से अपने चूरू जिले के हंसियावास तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी भूमिगत नहर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है।
यह प्रस्ताव 13 मई को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आया।
295.5 किलोमीटर लंबी होगी भूमिगत नहर
RCC पाइपलाइन से बनेगी पूरी अंडरग्राउंड कैनाल
हरियाणा सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार:- प्रस्तावित नहर की लंबाई 295.5 किलोमीटर होगी
- इसकी जल वहन क्षमता 1,900 क्यूसेक तय की गई है
- पूरी नहर RCC पाइपों के जरिए भूमिगत बनाई जाएगी
इस परियोजना की पूरी निर्माण लागत राजस्थान सरकार वहन करेगी।
हरियाणा सरकार को भेजी गई DPR
सूत्रों के मुताबिक, यमुना जल समझौते के तहत तैयार संयुक्त DPR हरियाणा सरकार के साथ साझा कर दी गई है।
जल्द ही इस रिपोर्ट को केंद्रीय जल आयोग (CWC) के पोर्टल पर तकनीकी जांच और मंजूरी के लिए अपलोड किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि:
“हरियाणा सरकार और केंद्रीय जल आयोग की मंजूरी के बाद परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जाएगा।”
छह जिलों से होकर गुजरेगी नहर
हरियाणा के लगभग 290 किमी हिस्से से निकलेगी पाइपलाइन
प्रस्तावित नहर हरियाणा के:
- यमुनानगर
- करनाल
- कुरुक्षेत्र
- कैथल
- जींद
- हिसार
जिलों से होकर राजस्थान में प्रवेश करेगी।
कुल लंबाई में से लगभग 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में पड़ेगा।
मानसून में राजस्थान को मिलेगा पानी
बाकी नौ महीने हरियाणा करेगा उपयोग
17 फरवरी 2024 को हरियाणा और राजस्थान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसार:
- जुलाई से अक्टूबर के बीच हथिनी कुंड बैराज से मिलने वाला यमुना जल राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को दिया जाएगा
- वर्ष के बाकी नौ महीनों में इस नहर का उपयोग हरियाणा सिंचाई विभाग कर सकेगा
सड़क और सुरक्षा व्यवस्था का भी प्रावधान
DPR में नहर के साथ:
- 25 मीटर चौड़ा कॉरिडोर
- निगरानी और सुरक्षा के लिए सड़क निर्माण
का भी प्रस्ताव रखा गया है।
हिसार में बनाए जाएंगे चार आउटलेट
हरियाणा की अन्य नहरों को भी मिलेगा लाभ
परियोजना रिपोर्ट के अनुसार हिसार जिले में:
- चौधरी माइनर
- सरसाना क्रॉसिंग
- बरवाला कैनाल
- दनोदा कलां
के पास चार आउटलेट प्रस्तावित किए गए हैं।
इनकी मदद से हरियाणा की अन्य नहरों में भी पानी की आपूर्ति की जा सकेगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए टैपिंग प्वाइंट्स की जानकारी भी साझा की है।
Key Highlights:
- राजस्थान ने यमुना जल परियोजना की DPR तैयार की
- हथिनी कुंड से चूरू तक बनेगी 295.5 किमी लंबी भूमिगत नहर
- RCC पाइपलाइन से बनेगी अंडरग्राउंड कैनाल
- हरियाणा के छह जिलों से होकर गुजरेगी परियोजना
- राजस्थान उठाएगा पूरा निर्माण खर्च
FAQ Section:
Q1. यह परियोजना किससे जुड़ी है?
यमुना जल को हरियाणा से राजस्थान पहुंचाने की परियोजना से।
Q2. नहर की लंबाई कितनी होगी?
करीब 295.5 किलोमीटर।
Q3. परियोजना का पूरा खर्च कौन उठाएगा?
राजस्थान सरकार।
Q4. किन जिलों को लाभ मिलेगा?
राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को प्रमुख लाभ मिलेगा।
Conclusion:
यमुना जल साझेदारी के तहत प्रस्तावित यह भूमिगत नहर परियोजना हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे राजस्थान के जल संकट वाले क्षेत्रों को राहत मिलने के साथ-साथ हरियाणा की सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

