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UP के बहराइच में मां बनी बेटे की ढाल, तेंदुए से भिड़कर 6 साल के बच्चे की बचाई जान
कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के पास दिल दहला देने वाली घटना, घायल होने के बावजूद महिला ने नहीं छोड़ा बेटे का साथ
उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक मां ने अपनी बहादुरी से बेटे की जान बचा ली। तेंदुआ जब 6 वर्षीय बच्चे को गन्ने के खेत में घसीटकर ले जा रहा था, तब महिला ने जान की परवाह किए बिना उससे संघर्ष किया और बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया।
बहराइच में तेंदुए से भिड़ी मां
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 32 वर्षीय महिला ने अपने छह साल के बेटे को तेंदुए के हमले से बचाने के लिए जान जोखिम में डाल दी।
यह घटना कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के कतरनियाघाट रेंज के बरखड़िया बीट अंतर्गत तेलियनपुरवा गांव में हुई।
गन्ने के खेत से निकला तेंदुआ
बच्चे को घसीटकर ले जाने की कोशिश
ग्रामीणों के अनुसार मीना देवी अपने बेटे मोहित के साथ सड़क किनारे बैठी थीं। तभी पास के गन्ने के खेत से अचानक एक तेंदुआ निकला और बच्चे पर हमला कर उसे खेत की ओर घसीटने लगा।घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।
मां ने दिखाई अद्भुत बहादुरी
तेंदुए से कई मिनट तक करती रही संघर्ष
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मीना देवी ने बिना डरे तेंदुए से भिड़कर अपने बेटे को छुड़ाने की कोशिश शुरू कर दी।
उन्होंने बच्चे को अपनी ओर खींचते हुए तेंदुए पर लगातार वार किए। इस दौरान तेंदुआ महिला पर पंजों से हमला करता रहा, लेकिन वह पीछे नहीं हटीं।
26 वर्षीय ग्रामीण उमेश, जो तेंदुए के हमले में घायल भी हुआ, ने बताया:
“कई मिनट तक मां और तेंदुए के बीच संघर्ष चलता रहा। महिला ने एक बार भी हिम्मत नहीं हारी।”
ग्रामीणों के पहुंचते ही भागा तेंदुआ
लाठी-डंडे लेकर पहुंचे गांव वाले
मीना देवी की चीख सुनकर गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। भीड़ और शोरगुल से घबराकर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर वापस गन्ने के खेतों की ओर भाग गया।
वन विभाग को आशंका है कि तेंदुआ अभी भी आसपास के खेतों में छिपा हो सकता है।
मां-बेटे समेत तीन लोग घायल
अस्पताल में कराया गया भर्ती
तेंदुए से संघर्ष के दौरान मीना देवी के हाथ, पैर, पीठ और सिर पर चोटें आईं। वहीं छह वर्षीय मोहित को मामूली खरोंचें आई हैं।
घायल ग्रामीण उमेश को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
तीनों घायलों को पहले सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मिहींपुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।
वन विभाग ने शुरू की निगरानी
तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया जाएगा पिंजरा
डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) अपूर्व दीक्षित ने बताया कि घायलों को सरकारी मानकों के अनुसार चिकित्सा सहायता और आर्थिक मदद दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों की अनुमति से इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन क्षेत्राधिकारी (FRO) आशीष गौर अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और इलाके में निगरानी अभियान शुरू किया।
Key Highlights:
- बहराइच में मां ने तेंदुए से लड़कर बेटे की जान बचाई
- गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुए ने बच्चे पर किया हमला
- महिला और ग्रामीण घायल, अस्पताल में भर्ती
- वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाई
- तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया जाएगा पिंजरा
FAQ Section:
Q1. घटना कहां हुई?
यह घटना उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के तेलियनपुरवा गांव में हुई।
Q2. तेंदुए के हमले में कौन घायल हुआ?
मीना देवी, उनका बेटा मोहित और ग्रामीण उमेश घायल हुए।
Q3. बच्चे की उम्र कितनी है?
बच्चे मोहित की उम्र 6 साल है।
Q4. वन विभाग ने क्या कार्रवाई की?
वन विभाग ने निगरानी अभियान शुरू किया है और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी की है।
Conclusion:
बहराइच की यह घटना एक मां के साहस और ममता की मिसाल बन गई है। मीना देवी ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से मुकाबला कर बेटे को सुरक्षित बचा लिया। घटना ने जहां इलाके में दहशत फैला दी है, वहीं महिला की बहादुरी की हर ओर सराहना हो रही है।

