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मोरनी हिल्स में पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, हरियाणा सरकार लाएगी नई होटल-गेस्ट हाउस नीति
कृषि भूमि पर पर्यटन गतिविधियों को मंजूरी देने की तैयारी, मोरनी जाने वाली प्रमुख सड़कों के किनारे खुल सकेंगे होटल और ढाबे
हरियाणा सरकार ने मोरनी हिल्स क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित नीति के तहत कृषि क्षेत्र में होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और ढाबों को अनुमति दी जा सकेगी।
मोरनी हिल्स में पर्यटन विकास को लेकर सरकार की बड़ी पहल
हरियाणा सरकार ने राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन मोरनी में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने नई ड्राफ्ट पॉलिसी जारी करते हुए कृषि क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े निर्माण कार्यों की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है।
सरकार का उद्देश्य मोरनी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश को आकर्षित करना है।
प्रमुख सड़कों के किनारे बन सकेंगे होटल और रेस्टोरेंट
500 मीटर तक CLU अनुमति का प्रस्ताव
17 मई को जारी ड्राफ्ट नीति के अनुसार:- पंचकूला-मोरनी शेड्यूल रोड
- चंडी मंदिर-मोरनी रोड (थापली मार्ग)
के दोनों ओर 500 मीटर तक की कृषि भूमि पर पर्यटन गतिविधियों के लिए Change of Land Use (CLU) की अनुमति दी जा सकेगी।
यह नीति मोरनी कंट्रोल्ड एरिया के कृषि क्षेत्रों पर भी लागू होगी।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
सरकार के अनुसार यह कदम गेस्ट हाउस संचालकों, होटल व्यवसायियों और स्थानीय संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद उठाया गया है।
प्रशासन का मानना है कि इससे:
- पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
- स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे
- क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी
किस प्रकार के निर्माण को मिलेगी अनुमति?
प्लॉट आकार के अनुसार तय किए गए नियम
नई नीति में विभिन्न पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि आकार निर्धारित किए गए हैं:
होम स्टे और गेस्ट हाउस
- 200 से 1,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट
ढाबे
- 500 से 1,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट
रेस्टोरेंट
- 1,001 से 2,000 वर्गमीटर तक की भूमि
होटल
- 2,001 वर्गमीटर से लेकर 5 एकड़ तक के भूखंड
FAR, ऊंचाई और पार्किंग के लिए भी बने नियम
होटल निर्माण पर विशेष मानक लागू
ड्राफ्ट नीति में:
- Floor Area Ratio (FAR)
- भवन ऊंचाई सीमा
- पार्किंग व्यवस्था
- सेटबैक नियम
भी तय किए गए हैं।
होटलों के लिए:
- अधिकतम FAR 1.5
- अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर
निर्धारित की गई है।
सड़क चौड़ाई को लेकर भी शर्तें लागू
सरकार ने यातायात और पहुंच को नियंत्रित करने के लिए सड़क चौड़ाई संबंधी शर्तें भी रखी हैं।
- गेस्ट हाउस और ढाबों के लिए कम से कम 20 फीट चौड़ी सड़क जरूरी होगी
- रेस्टोरेंट और होटलों के लिए न्यूनतम 30 फीट चौड़ी सड़क अनिवार्य होगी
पर्यटन और निवेश को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति लागू होने पर मोरनी क्षेत्र में:
- पर्यटन निवेश बढ़ेगा
- नए होटल और रिसॉर्ट विकसित होंगे
- स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
- पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
Key Highlights:
- हरियाणा सरकार ने मोरनी पर्यटन नीति का ड्राफ्ट जारी किया
- कृषि भूमि पर होटल, ढाबे और गेस्ट हाउस को अनुमति का प्रस्ताव
- प्रमुख सड़कों के दोनों ओर 500 मीटर तक CLU की सुविधा
- होटल निर्माण के लिए FAR और ऊंचाई सीमा तय
- स्थानीय पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
FAQ Section:
Q1. नई नीति किस क्षेत्र के लिए लाई जा रही है?
मोरनी हिल्स और आसपास के नियंत्रित क्षेत्रों के लिए।
Q2. किन गतिविधियों को अनुमति मिलेगी?
होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे, रेस्टोरेंट और ढाबों को।
Q3. होटल के लिए कितनी जमीन जरूरी होगी?
2,001 वर्गमीटर से लेकर 5 एकड़ तक।
Q4. सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मोरनी क्षेत्र में पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देना।
Conclusion:
मोरनी हिल्स में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार की यह प्रस्तावित नीति क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है। यदि नीति लागू होती है, तो इससे पर्यटन उद्योग, स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है।

