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रोहतक जिला परिषद बैठक में मारपीट के बाद अनिल हुड्डा और धीरज मलिक पर कार्रवाई
अगली बैठक से किया गया प्रतिबंधित, ‘गंभीर कदाचार’ का मामला दर्ज
रोहतक जिला परिषद की बैठक में मारपीट और हंगामे के बाद उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा और पार्षद धीरज मलिक को अगली बैठक से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रोहतक जिला परिषद के उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा और पार्षद धीरज मलिक को 12 मार्च की बैठक के दौरान हुई मारपीट के चलते अगली बैठक में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह निर्णय उनके आचरण को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत “गंभीर कदाचार” मानते हुए लिया गया। इसके अलावा, बैठक में हंगामा करने, असंसदीय भाषा का उपयोग करने और “असंवैधानिक” व्यवहार करने के कारण दोनों को 12 मार्च की बैठक में अनुपस्थित भी दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई को बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) में दर्ज कर लिया गया है।
दोनों के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब वार्ड-8 के पार्षद धीरज मलिक ने विकास कार्यों के लिए फंड आवंटन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड-13 के लिए निर्धारित फंड को अनुचित तरीके से वार्ड-4 में स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने इस प्रथा को बंद करने की मांग करते हुए कहा कि फंड का उपयोग वार्ड-13 के विकास कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
मामले को वोटिंग के जरिए सुलझाने पर सहमति बनी, लेकिन जल्द ही स्थिति बिगड़ गई और वार्ड-4 के पार्षद अनिल हुड्डा और धीरज मलिक के बीच हाथापाई हो गई।
इस हंगामे के कारण 2025-26 के लिए जिला परिषद विकास योजना (ZPDP) के तहत विकास प्रस्तावों को प्रशासनिक मंजूरी देने से संबंधित एजेंडा स्थगित करना पड़ा।
अगले दिन स्थिति और गंभीर हो गई, जब कुछ लोग विकास सदन स्थित अनिल हुड्डा के कार्यालय में घुस आए और उन पर हमला कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हमलावरों को हुड्डा के साथ मारपीट करते और उन्हें जमीन पर गिराते हुए देखा गया, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
इस मामले में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के कार्यालय की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है।
आर्य नगर थाना के एसएचओ, सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
