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हरियाणा पर ₹5.57 लाख करोड़ का कर्ज: भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप
विपक्ष का सरकार पर हमला, कहा—विकास कार्यों के लिए नहीं बच रहा पर्याप्त बजट
Bhupinder Singh Hooda ने बीजेपी सरकार पर हरियाणा को भारी कर्ज में डुबोने और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन न होने का आरोप लगाया।
हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda ने गुरुवार को आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने राज्य को ₹5.57 लाख करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “छोटी बचत (Small Savings) लगभग ₹50,000 करोड़ है, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) की देनदारियां ₹68,995 करोड़ (2025-26 के आंकड़ों के अनुसार) हैं, और अतिरिक्त देनदारियां—जिनमें बकाया बिजली बिल और सब्सिडी शामिल हैं—₹46,193 करोड़ हैं। इस प्रकार राज्य पर कुल कर्ज का बोझ लगभग ₹5.57 लाख करोड़ हो गया है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के पास पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए पर्याप्त राजस्व नहीं बच रहा है।
उन्होंने कहा, “कर्ज की अदायगी और अन्य अग्रिम भुगतानों के बाद केवल ₹21,756 करोड़ ही पूंजीगत व्यय के लिए बचता है, जो कुल बजट का मात्र 9.7 प्रतिशत है। ऐसे में नए मेडिकल कॉलेज, सड़कें, पुल और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है।”
कांग्रेस विधायक Raghuvir Singh Kadian ने भी सरकार के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने विधानसभा में राज्यसभा चुनाव का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन बीजेपी ने विपक्ष की आवाज दबा दी। जब SYL (सतलुज-यमुना लिंक) मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई, तो उसे भी खारिज कर दिया गया।”
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था, लेकिन बीजेपी ने इस पर बहस से बचने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, “किसानों के भविष्य और इस समझौते का देश की कृषि अर्थव्यवस्था पर प्रभाव समझने के लिए विधानसभा में चर्चा बेहद जरूरी थी।”
