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यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर का नवीनीकरण लगभग पूरा, जल्द मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अप्रैल में अस्पताल प्रशासन को सौंपा जाएगा भवन, मरीजों को आधुनिक आपात सेवाओं का लाभ मिलेगा
Mukand Lal District Civil Hospital में ट्रॉमा सेंटर का नवीनीकरण लगभग पूरा हो गया है, जिससे मरीजों को जल्द बेहतर आपात चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
जिले के मरीजों को जल्द ही बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मिलने वाली हैं, क्योंकि Mukand Lal District Civil Hospital परिसर में स्थित पुराने ट्रॉमा सेंटर के नवीनीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है।
कई महीनों तक चले नवीनीकरण कार्य के बाद इस उन्नत सुविधा को अप्रैल में औपचारिक रूप से अस्पताल प्रशासन को सौंपे जाने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर के ग्राउंड फ्लोर पर नवीनीकरण कार्य अगस्त 2024 में शुरू हुआ था। इस परियोजना को Public Works Department द्वारा अंजाम दिया गया, जिसका उद्देश्य पुराने भवन को आधुनिक बनाना और मरीजों व चिकित्सा कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
हालांकि शुरुआती चरण में प्रशासनिक कारणों से काम में कुछ देरी हुई, लेकिन अब अधिकांश कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
PWD के एक अधिकारी ने बताया कि नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और भवन अगले महीने अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद ट्रॉमा सेवाओं को दोबारा इस भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।
करीब 15 साल पुराने इस ट्रॉमा सेंटर भवन को लंबे समय से मरम्मत की जरूरत थी। नवीनीकरण के तहत ग्राउंड फ्लोर को ऊंचा किया गया, नई टाइलें लगाई गईं, पुराने दरवाजों को बदला गया और शौचालयों का पूरी तरह से नवीनीकरण किया गया।
इसके अलावा दीवारों की मरम्मत और पेंटिंग की गई तथा कई स्थानों पर फॉल्स सीलिंग लगाई गई, जिससे भवन की समग्र संरचना में सुधार हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है।
जिला सिविल सर्जन Dr Jitender Singh ने कहा, “नवीनीकरण के बाद यह भवन आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक आधुनिक और प्रभावी वातावरण प्रदान करेगा।”
जानकारी के अनुसार, जून 2024 में नवीनीकरण कार्य शुरू होने के कारण ट्रॉमा सेवाओं को अस्पताल के ब्लॉक-A स्थित एक छोटे हॉल में स्थानांतरित करना पड़ा था, जहां सीमित जगह में सेवाएं दी जा रही थीं।
पहले ट्रॉमा सेंटर एक बड़े भवन में संचालित होता था, लेकिन अस्थायी व्यवस्था के चलते मरीजों और स्टाफ को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों और नर्सों को सीमित संसाधनों और कम जगह में आपात मामलों को संभालना पड़ा, जिससे विशेषकर व्यस्त समय या बड़े हादसों के दौरान मरीजों की देखभाल में दिक्कतें आईं।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नवीनीकरण के बाद सेवाएं वापस नए ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट होने पर ये समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
नई सुविधाओं के साथ मरीजों का बेहतर प्रबंधन, साफ-सफाई के उच्च मानक और आपात सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
