हरियाणा में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर गड़बड़ी का आरोप, MSP पर फसल बेचने में किसानों को परेशानी

सिरसा जिले के पंजमाला, थिराज और अलीकां गांव के किसानों ने फसल सत्यापन में गलत एंट्री की शिकायत की। किसानों ने दोबारा सत्यापन और रिकॉर्ड में जल्द सुधार की मांग की, कार्रवाई नहीं होने पर तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दी।

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हरियाणा के सिरसा जिले में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फसलों का गलत विवरण दर्ज होने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि बाजरे को अमरूद, कपास को धान और धान को कपास दर्ज कर दिया गया, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है।

 

सिरसा में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर गड़बड़ी की शिकायत

हरियाणा के सिरसा जिले के पंजमाला, थिराज और अलीकां गांवों के किसानों ने राज्य सरकार के ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फसल संबंधी विवरण में कथित गड़बड़ियों को लेकर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि फसल सत्यापन के दौरान गलत जानकारी दर्ज किए जाने से मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में बाधाएं आ रही हैं।

किसानों के मुताबिक, पोर्टल पर दर्ज फसल का विवरण उनके खेतों में उगाई गई वास्तविक फसल से मेल नहीं खाता। इसके चलते उन्हें रिकॉर्ड ठीक कराने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

बाजरे को अमरूद, कपास को धान दर्ज करने का आरोप

कालांवाली तहसील क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया कि फसल सत्यापन के दौरान कई तरह की गलतियां हुई हैं। उनके अनुसार, पोर्टल पर बाजरे की जगह अमरूद, कपास की जगह धान और धान की जगह कपास दर्ज कर दिया गया।

किसानों का कहना है कि ऐसी विसंगतियों के कारण उनकी फसल का सही विवरण सरकारी रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रहा। इससे MSP पर उपज बेचने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने उठाया मामला

यह मामला उस समय सामने आया, जब भारतीय किसान एकता (BKE) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने पंजमाला गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

औलख ने मांग की कि वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित गांवों में टीम भेजकर फसलों का दोबारा सत्यापन करवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गलत प्रविष्टियां करने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

किसानों ने उठाए फसल सत्यापन व्यवस्था पर सवाल

लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि पोर्टल में गलत विवरण दर्ज होने के कारण किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सैटेलाइट आधारित निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।

उनका कहना था कि जब तकनीक का इस्तेमाल खेतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है, तो फसल सत्यापन में गलतियों और फसल नुकसान के मामलों में किसानों को पर्याप्त सहायता क्यों नहीं मिल रही।

किसानों की मांग है कि तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।

समाधान नहीं हुआ तो तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी

प्रभावित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

किसानों की प्रमुख मांग है कि प्रभावित खेतों का दोबारा सत्यापन कराया जाए और पोर्टल पर फसल का सही विवरण दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि रिकॉर्ड में सुधार होने से उन्हें MSP पर फसल बेचने में आ रही बाधाएं दूर करने में मदद मिलेगी।

Key Highlights

  • सिरसा जिले के पंजमाला, थिराज और अलीकां गांवों के किसानों ने पोर्टल पर गड़बड़ियों की शिकायत की।

  • किसानों के अनुसार, बाजरे को अमरूद, कपास को धान और धान को कपास दर्ज किया गया।

  • गलत रिकॉर्ड के कारण MSP पर फसल बेचने में परेशानी होने का आरोप है।

  • भारतीय किसान एकता के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने किसानों की समस्याएं सुनीं।

  • प्रभावित गांवों में दोबारा फसल सत्यापन कराने की मांग की गई।

  • किसानों ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

  • शिकायतों का समाधान नहीं होने पर तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।

FAQ Section

1. ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर क्या गड़बड़ी हुई है?

सिरसा जिले के किसानों का आरोप है कि फसल सत्यापन के दौरान पोर्टल पर उनकी वास्तविक फसल के बजाय दूसरी फसलों का विवरण दर्ज कर दिया गया।

2. किन गांवों के किसानों ने शिकायत की है?

पंजमाला, थिराज और अलीकां गांवों के किसानों ने फसल रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की शिकायत की है।

3. गलत फसल विवरण से किसानों को क्या परेशानी हो रही है?

किसानों के अनुसार, रिकॉर्ड में विसंगतियों के कारण उन्हें मंडियों में MSP पर उपज बेचने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है और सुधार के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

4. किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने क्या मांग की है?

उन्होंने प्रभावित गांवों में अधिकारियों की टीम भेजकर दोबारा फसल सत्यापन कराने और गलत प्रविष्टियों के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

5. किसानों ने आगे क्या चेतावनी दी है?

किसानों ने कहा है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

Conclusion

सिरसा जिले में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फसल विवरण में कथित गड़बड़ियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि गलत रिकॉर्ड के कारण MSP पर उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। अब उनकी मांग है कि प्रशासन प्रभावित खेतों का दोबारा सत्यापन कराए, रिकॉर्ड में सुधार करे और जिम्मेदारी तय करे। मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई और समाधान का इंतजार है।Screenshot_177

Edited By: Atul Sharma

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