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अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, 88 वाहन जब्त; सरकार को मिला 3.31 करोड़ रुपये का राजस्व
डीसी प्रीति ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, फर्जी ई-रवाना की जांच और अवैध खनन में शामिल वाहनों पर चालान व एफआईआर के निर्देश
जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पिछले महीने खनन गतिविधियों से जुड़े वाहनों पर कार्रवाई के दौरान 88 वाहन जब्त किए गए और सरकार को 3.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
जिले में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त प्रीति ने जिला सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अवैध खनन की निगरानी तेज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीसी ने सभी एसडीएम, जिला खनन अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO), क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के सचिव और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन की गतिविधियों को रोकने के लिए कहा।
पिछले महीने 88 वाहन जब्त, 3.31 करोड़ रुपये का राजस्व
बैठक में जिला खनन अधिकारी लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि पिछले महीने जिले में खनन गतिविधियों से जुड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सरकार को 3,31,18,000 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में अवैध खनन में शामिल 88 वाहनों को जब्त किया गया।
वहीं, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (बिक्री कर) आदित्येंद्र सिंह तक्षक ने बताया कि उनके विभाग ने अवैध खनन में शामिल वाहनों के खिलाफ 71 मामले दर्ज किए और करीब 53 लाख रुपये की वसूली की।
फर्जी ई-रवाना की जांच और एफआईआर के निर्देश
डीसी प्रीति ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियां गंभीरता से निभानी होंगी और आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फर्जी ई-रवाना से जुड़े मामलों की गहन जांच की जाए। अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और ऐसी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया जाए।
पुलिस को सख्त कार्रवाई करने को कहा
उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनिजों का अवैध परिवहन करते पकड़े जाने वाले वाहनों के चालान किए जाएं और कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध खनन में शामिल वाहनों को रोकने वाले संबंधित विभागों के अधिकारी चालान जारी करें। चालान किए जाने की सूचना संबंधित अधिकारियों और उनके कार्यालयों को भी भेजी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
डीसी प्रीति के अनुसार, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। नियमित निरीक्षण, संदिग्ध दस्तावेजों की जांच और अवैध परिवहन पर कार्रवाई से इस समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
Key Highlights
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डीसी प्रीति ने अवैध खनन रोकने के लिए समीक्षा बैठक की।
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पिछले महीने अवैध खनन में शामिल 88 वाहन जब्त किए गए।
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खनन गतिविधियों से जुड़े वाहनों पर कार्रवाई के दौरान ₹3.31 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
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बिक्री कर विभाग ने 71 मामले दर्ज कर करीब ₹53 लाख की वसूली की।
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फर्जी ई-रवाना की जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश।
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अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के चालान और जब्ती पर जोर।
FAQ Section
1. अवैध खनन रोकने के लिए बैठक किसने की?
जिले की उपायुक्त प्रीति ने जिला सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
2. पिछले महीने कितने वाहन जब्त किए गए?
जिला खनन अधिकारी के अनुसार, अवैध खनन में शामिल 88 वाहन जब्त किए गए।
3. सरकार को कितना राजस्व प्राप्त हुआ?
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले महीने खनन गतिविधियों से जुड़े वाहनों पर कार्रवाई के दौरान सरकार को ₹3,31,18,000 का राजस्व प्राप्त हुआ।
4. बिक्री कर विभाग ने क्या कार्रवाई की?
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (बिक्री कर) ने बताया कि विभाग ने 71 मामले दर्ज किए और करीब ₹53 लाख की वसूली की।
5. डीसी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, फर्जी ई-रवाना की जांच, एफआईआर दर्ज कराने, अवैध खनन में इस्तेमाल वाहनों को जब्त करने और अवैध परिवहन पर चालान करने के निर्देश दिए गए।
Conclusion
जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। 88 वाहनों की जब्ती, 71 मामलों के पंजीकरण और राजस्व वसूली के आंकड़े कार्रवाई का संकेत देते हैं। अब नियमित निरीक्षण, विभागीय समन्वय और नियमों के प्रभावी पालन से अवैध खनन पर नियंत्रण की कोशिश की जाएगी।

