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करनाल के तरावड़ी से ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचेगी केंद्र सरकार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संतुलित खाद इस्तेमाल करने, पराली न जलाने और सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार खेती करने की दी सलाह
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के तरावड़ी से 40 दिवसीय ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत की। अभियान का लक्ष्य एक करोड़ किसानों तक पहुंचना, मिट्टी की सेहत सुधारना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
तरावड़ी (हरियाणा): किसानों की आय और खेतों की उपजाऊ क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को हरियाणा के तरावड़ी से देशव्यापी 40 दिवसीय ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित उर्वरक इस्तेमाल करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
केंद्र सरकार का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से देशभर में एक करोड़ किसानों तक पहुंचना है। अभियान में फसल चक्र अपनाने, पराली का प्रभावी प्रबंधन करने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर विशेष जोर रहेगा।
जरूरत से ज्यादा खाद डालने से मिट्टी को नुकसान
किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों में जरूरत से ज्यादा उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर खाद का इस्तेमाल करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए किसानों तक कृषि विज्ञान से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी, ताकि वे खेती में बेहतर फैसले ले सकें और लंबे समय तक अपनी जमीन की उत्पादकता बनाए रख सकें।
सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर करें खाद का इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को अपनी मिट्टी की जांच कराने और सॉइल हेल्थ कार्ड में दी गई सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि किसानों को पड़ोसियों से प्रतिस्पर्धा करते हुए अधिक खाद डालने के बजाय अपनी जमीन की जरूरत को समझना चाहिए। संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से खेती की लागत घटाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पराली न जलाने की अपील, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा के किसानों की सराहना की। साथ ही उन्होंने किसानों से फसल अवशेष जलाने से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी कीटों को नुकसान पहुंचता है और वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अभियान के तहत किसानों को फसल अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती धीरे-धीरे अपनाने की सलाह
प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों की चिंताओं पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से इसे अपनाने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
उन्होंने तीन से पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को सलाह दी कि वे शुरुआत में अपनी एक एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती करके अनुभव हासिल करें। इसके बाद परिणामों के आधार पर धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
इस दृष्टिकोण से किसान नई कृषि पद्धति को अपनाने से पहले उसके अनुभव और नतीजों को समझ सकते हैं।
किसानों के सम्मान और समृद्धि पर सरकार का जोर
शिवराज सिंह चौहान ने खुद को किसानों का सेवक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
‘खेत बचाओ अभियान’ के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, खेती की लागत को नियंत्रित करने और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
Key Highlights
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हरियाणा के तरावड़ी से 40 दिवसीय ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू।
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया अभियान का शुभारंभ।
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केंद्र सरकार का लक्ष्य एक करोड़ किसानों तक पहुंचना।
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संतुलित उर्वरक इस्तेमाल और फसल चक्र अपनाने पर जोर।
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किसानों से पराली न जलाने और मिट्टी की जांच कराने की अपील।
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सॉइल हेल्थ कार्ड की सिफारिशों के अनुसार खाद इस्तेमाल करने की सलाह।
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तीन से पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को एक एकड़ से प्राकृतिक खेती शुरू करने का सुझाव।
FAQ Section
1. ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत कहां से हुई?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के तरावड़ी से इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत की।
2. ‘खेत बचाओ अभियान’ कितने दिनों तक चलेगा?
यह अभियान 40 दिनों तक चलाया जाएगा।
3. अभियान का लक्ष्य क्या है?
इसका उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, संतुलित उर्वरक इस्तेमाल को बढ़ावा देना और देशभर में एक करोड़ किसानों तक वैज्ञानिक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाना है।
4. किसानों को खाद इस्तेमाल करने के बारे में क्या सलाह दी गई?
किसानों को मिट्टी की जांच कराने और सॉइल हेल्थ कार्ड की सिफारिशों के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
5. प्राकृतिक खेती कैसे शुरू करने की सलाह दी गई?
तीन से पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को पहले एक एकड़ में प्राकृतिक खेती अपनाने और अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे इसका विस्तार करने का सुझाव दिया गया।
Conclusion
‘खेत बचाओ अभियान’ के जरिए केंद्र सरकार किसानों को मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक इस्तेमाल और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने की कोशिश कर रही है। पराली प्रबंधन, सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार खाद का इस्तेमाल और प्राकृतिक खेती को चरणबद्ध तरीके से अपनाना इस पहल के प्रमुख संदेश हैं। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वैज्ञानिक सलाह कितनी प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचती है और खेती में उसका कितना व्यावहारिक इस्तेमाल होता है।

