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पटियाला में कर्मचारियों और पेंशनर्स का प्रदर्शन, बकाया DA जारी करने समेत कई मांगें उठाईं
डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने थापर यूनिवर्सिटी की ओर निकाला मार्च, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग
पटियाला जिले में बुधवार को हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई भत्ते (DA) की बकाया किस्तें जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और कर्मचारियों की अन्य मांगें पूरी करने की अपील की।
बकाया मांगों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स का धरना
पटियाला जिले में बुधवार को हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किस्तें और उनका बकाया जारी करने की मांग की।
धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में थापर यूनिवर्सिटी की ओर मार्च भी निकाला।
सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए कोऑर्डिनेशन कमेटी के नेताओं धनवंत सिंह भट्ठल, सुखविंदर सिंह सैनी और अन्य वक्ताओं ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों तथा पेंशनर्स की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुरानी पेंशन योजना और DA बकाया जारी करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने लंबित DA किस्तों और बकाया राशि का भुगतान करने के साथ-साथ कर्मचारियों और पेंशनर्स की वेतन एवं पेंशन संबंधी मांगें उठाईं। उनकी प्रमुख मांगों में संशोधित वेतनमान से बाहर की श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2.59 गुणक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) लागू करना तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल रहा।
इसके अलावा, उन्होंने अनुबंध और आउटसोर्सिंग के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों और आंगनवाड़ी वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग भी उठाई गई।
बंद किए गए भत्ते और ACP योजना बहाल करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े भत्तों सहित बंद किए गए 37 भत्तों को बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना लागू करने की भी अपील की।
उन्होंने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पंजाब के वेतनमान लागू करने और परिवीक्षा अवधि के दौरान पूरा वेतन देने की मांग भी रखी।
कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए और लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
प्रमुख बातें
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पटियाला में हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने धरना दिया।
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बकाया महंगाई भत्ता (DA) और एरियर जारी करने की मांग की गई।
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पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठी।
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कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2.59 गुणक लागू करने की मांग की गई।
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अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करने की अपील की गई।
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मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन की मांग की गई।
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बंद किए गए 37 भत्तों और ACP योजना को बहाल करने की मांग उठी।
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कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. पटियाला में कर्मचारियों और पेंशनर्स ने प्रदर्शन क्यों किया?
उन्होंने DA की लंबित किस्तें और एरियर जारी करने सहित अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
2. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें क्या थीं?
प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, 2.59 गुणक लागू करना, बंद किए गए भत्तों की बहाली और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना शामिल था।
3. किन वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की गई?
प्रदर्शनकारियों ने मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों और आंगनवाड़ी वर्करों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की।
4. प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने क्या किया?
धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में थापर यूनिवर्सिटी की ओर मार्च निकाला।
निष्कर्ष
पटियाला में कर्मचारियों और पेंशनर्स का प्रदर्शन लंबित वेतन, पेंशन, भत्तों और नियमितीकरण से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से इन मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। अब इन मांगों पर सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

