- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- हरियाणा में 13 नवंबर को शिक्षकों का प्रदर्शन, खाली पदों की भर्ती और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की
हरियाणा में 13 नवंबर को शिक्षकों का प्रदर्शन, खाली पदों की भर्ती और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
HFUCTO ने रोहतक स्थित MDU में दो घंटे का धरना और विरोध मार्च निकालने का फैसला किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग की जाएगी।
हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशंस (HFUCTO) ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर 13 नवंबर को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन ने खाली पदों पर भर्ती, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और वेतन व चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े लाभ देने की मांग उठाई है।
हरियाणा में 13 नवंबर को शिक्षकों का प्रदर्शन
हरियाणा के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर 13 नवंबर को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में प्रदर्शन किया जाएगा। हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशंस (HFUCTO) ने राज्यभर में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया है।
फेडरेशन की MDU में आयोजित बैठक के दौरान आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की गई। इसमें राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
दो घंटे का धरना और विरोध मार्च निकालेंगे शिक्षक
HFUCTO के महासचिव दयानंद मलिक के अनुसार, सरकारी कॉलेजों, अन्य कॉलेजों और राज्य के विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल होंगे।
कार्यक्रम के तहत दो घंटे का धरना दिया जाएगा और विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद MDU के कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। फेडरेशन ने सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की है।
चार साल से खाली पद समाप्त करने के निर्देश का विरोध
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के 17 अगस्त 2026 के उस पत्र को वापस लेने की मांग शामिल है, जिसमें चार साल से खाली पड़े पदों को समाप्त मानने का प्रावधान बताया गया है।
दयानंद मलिक ने कहा कि संगठन इस निर्देश को वापस लेने और सभी रिक्त पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने की मांग कर रहा है। फेडरेशन का मानना है कि लंबे समय से खाली पदों को समाप्त करने के बजाय उन पर नियुक्तियां की जानी चाहिए।
96 सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए HRA की मांग
HFUCTO ने हरियाणा के 96 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित मकान किराया भत्ता (HRA) देने की मांग भी उठाई है।
फेडरेशन के अनुसार, इन कॉलेजों के कर्मचारियों को अब भी छठे वेतन आयोग के आधार पर निर्धारित HRA मिल रहा है। संगठन ने इन कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) का लाभ देने की भी मांग की है।
पुरानी पेंशन योजना और ग्रेच्युटी बढ़ाने की मांग
फेडरेशन ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की है।
इसके अलावा, संगठन ने 1 जनवरी 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान करने और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग रखी है।
दयानंद मलिक ने कहा कि सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारी राज्य सरकार की ओर से अन्य कर्मचारियों के लिए घोषित कुछ लाभों से अब भी वंचित हैं। फेडरेशन ने इन विसंगतियों को दूर करने और सभी पात्र कर्मचारियों को समान लाभ देने की मांग की है।
Key Highlights
-
HFUCTO 13 नवंबर को MDU, रोहतक में प्रदर्शन करेगा।
-
प्रदर्शन में दो घंटे का धरना और विरोध मार्च शामिल होगा।
-
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन MDU के कुलपति के माध्यम से सौंपा जाएगा।
-
चार साल से खाली पदों को समाप्त करने संबंधी वित्त विभाग का पत्र वापस लेने की मांग।
-
राज्य के सभी रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग।
-
96 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुसार HRA और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की मांग।
-
NPS कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग।
-
ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग।
FAQ Section
1. हरियाणा में शिक्षकों का प्रदर्शन कब होगा?
HFUCTO के अनुसार, प्रदर्शन 13 नवंबर को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा।
2. HFUCTO की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रमुख मांगों में खाली पदों पर भर्ती, चार साल से रिक्त पदों को समाप्त करने संबंधी निर्देश वापस लेना, OPS की बहाली, संशोधित HRA और चिकित्सा प्रतिपूर्ति शामिल हैं।
3. चार साल से खाली पदों को लेकर क्या विवाद है?
फेडरेशन वित्त विभाग के 17 अगस्त 2026 के पत्र का विरोध कर रहा है, जिसमें चार साल से खाली पदों को समाप्त मानने का प्रावधान बताया गया है। संगठन इस निर्देश को वापस लेने की मांग कर रहा है।
4. सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए क्या मांग की गई है?
हरियाणा के 96 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुसार HRA और चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति का लाभ मांगा गया है।
5. कर्मचारियों की ग्रेच्युटी को लेकर क्या मांग है?
फेडरेशन ने 1 जनवरी 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने और इसकी अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग की है।
Conclusion
हरियाणा में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर HFUCTO ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। 13 नवंबर को MDU, रोहतक में होने वाले धरने और विरोध मार्च के जरिए संगठन सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाएगा। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और कर्मचारियों को राहत देने के लिए बातचीत या अन्य कार्रवाई कब शुरू होती है।

