प्लॉट री-अलॉटमेंट मामले में भूपिंदर सिंह हुड्डा और AJL को बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने किया डिस्चार्ज

हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैसला, आरोपों के पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए

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हरियाणा की CBI विशेष अदालत ने प्लॉट री-अलॉटमेंट मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और AJL को आरोपों से मुक्त कर दिया है।

हरियाणा की CBI विशेष अदालत ने शुक्रवार को प्लॉट री-अलॉटमेंट मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda और Associated Journal Limited (AJL) को बड़ी राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया।

पंचकूला में सुनवाई के दौरान हुड्डा के वकील ने 25 फरवरी का हाईकोर्ट का आदेश अदालत में प्रस्तुत किया, जिसमें उनके और AJL के खिलाफ लगाए गए आरोप तय करने के फैसले को रद्द कर दिया गया था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से आरोपित अपराधों के तत्वों का प्रथम दृष्टया भी खुलासा नहीं होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्लॉट का पुनः आवंटन सक्षम प्राधिकारी द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया था, इसे किसी भी अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा कभी अवैध घोषित नहीं किया गया और इसे पूरी तरह लागू भी किया जा चुका था।

इस मामले से संबंधित Enforcement Directorate (ED) की जांच अब 3 अप्रैल को सुनवाई के लिए आएगी।

हुड्डा के वकील SPS Parmar ने कहा, “आज हमने हाईकोर्ट का आदेश पेश किया, जिसके आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और AJL को डिस्चार्ज कर दिया गया।”

 
 
Edited By: Karan Singh

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