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गेहूं खरीद सीजन से पहले कैथल मंडी का औचक निरीक्षण, किसानों को परेशानी न हो—डॉ. साकेत कुमार
मंडियों में सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, ₹25 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा
कैथल में गेहूं खरीद सीजन को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। डॉ. साकेत कुमार ने मंडी का निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और कैथल जिले के प्रशासनिक सचिव Dr Saket Kumar ने गेहूं खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने का स्पष्ट संदेश देते हुए कैथल अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि गेहूं और अन्य फसलों की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से होनी चाहिए, सभी सरकारी प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए और मंडियों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
डॉ. कुमार ने तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की—जिसमें बारदाना (बोरी), फसल उठान (लिफ्टिंग) का शेड्यूल, और नए नियमों के तहत गेट पास प्रक्रिया शामिल है। उन्होंने किसानों की फोटो कैप्चर, बायोमेट्रिक सत्यापन और एजेंसियों के रिकॉर्ड एंट्री सिस्टम का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने प्रिंटर, नमी मापक यंत्र (मॉइस्चर मीटर), डिजिटल कांटे, भंडारण व्यवस्था और मानव संसाधन जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी जांच की और निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया सरल और किसान हितैषी बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने मंडियों तक जाने वाली सड़कों और उपकरणों की समय पर मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और लोडिंग-अनलोडिंग की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की फसल की खरीद निर्धारित मानकों के अनुसार ही की जानी चाहिए।”
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आढ़तियों की समस्याएं भी सुनीं और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
उपायुक्त Aparajita ने उन्हें तैयारियों की जानकारी दी और सभी निर्देशों का 100 प्रतिशत पालन करने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद डॉ. कुमार ने मिनी सचिवालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ₹25 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और तकनीकी समस्याओं को विभागों के बीच समन्वय के जरिए सुलझाने को कहा।

