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अंबाला रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी का बड़ा खुलासा: पंजाब ले जाए जा रहे 14 बच्चे दो दिनों में बचाए गए
संयुक्त अभियान में GRP, RPF और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की कार्रवाई, बच्चों को मजदूरी के लिए पंजाब भेजे जाने का आरोप
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दो दिनों के भीतर 14 बच्चों को कथित बाल तस्करी और बाल श्रम के जाल से बचाया गया। संयुक्त जांच में सामने आया कि बच्चों को पंजाब के विभिन्न शहरों में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था।
अंबाला में बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में दो दिनों के भीतर 14 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इन बच्चों को कथित तौर पर पंजाब के विभिन्न शहरों में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था।
यह कार्रवाई जिला युवा विकास संगठन, सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
जननायक एक्सप्रेस से 8 बच्चे किए गए रेस्क्यू
जिला युवा विकास संगठन के कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी के अनुसार, बुधवार रात सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को ट्रेन के माध्यम से पंजाब ले जाया जा रहा है।सूचना के आधार पर रात करीब 10 बजे जननायक एक्सप्रेस (15211) में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान 8 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि:
- चार बच्चों को लुधियाना भेजा जा रहा था।
- उन्हें प्रति माह 8,000 रुपये वेतन का लालच दिया गया था।
- अन्य बच्चों को खन्ना, पटियाला और पंजाब के अन्य शहरों में काम के लिए भेजा जा रहा था।
करमभूमि एक्सप्रेस से 6 और बच्चे बचाए गए
अगले दिन गुरुवार शाम करमभूमि एक्सप्रेस (12407) में भी संयुक्त टीम ने विशेष तलाशी अभियान चलाया।
इस दौरान 6 और बच्चों को सुरक्षित बचाया गया।
बच्चों ने पूछताछ में बताया कि:
- दो बच्चों को लुधियाना में प्रतिदिन 500 रुपये मजदूरी का वादा किया गया था।
- चार अन्य बच्चों को पटियाला और अन्य स्थानों पर काम के लिए बुलाया गया था।
बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
इसके बाद सभी बच्चों को अंबाला की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की अध्यक्ष रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फिलहाल बच्चों को देखभाल और सुरक्षा के लिए अंबाला छावनी स्थित ओपन शेल्टर होम में रखा गया है।
बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े हो सकते हैं बच्चे
जिला युवा विकास संगठन के अध्यक्ष परमजीत सिंह बडोला ने बताया कि समय रहते कार्रवाई किए जाने से बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से संबंधित हैं। प्रशासन अब उनके परिवारों का पता लगाने और उनसे संपर्क करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
बाल तस्करी और बाल श्रम पर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर बाल तस्करी और बाल श्रम के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक मजबूरियों और रोजगार के झूठे वादों के कारण बच्चे ऐसे गिरोहों के निशाने पर आ जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और बच्चों को पंजाब ले जाने में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Key Highlights:
- अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर 14 बच्चों का रेस्क्यू
- दो दिनों में दो अलग-अलग ट्रेनों से बचाए गए बच्चे
- बच्चों को कथित तौर पर पंजाब में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था
- जननायक एक्सप्रेस से 8 और करमभूमि एक्सप्रेस से 6 बच्चे बचाए गए
- GRP, RPF, AHTU और सामाजिक संगठन की संयुक्त कार्रवाई
- बच्चों को ओपन शेल्टर होम में रखा गया
- अधिकांश बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं
FAQ Section:
Q1. कितने बच्चों को बचाया गया?
दो दिनों के दौरान कुल 14 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
Q2. बच्चों को कहाँ ले जाया जा रहा था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार उन्हें पंजाब के लुधियाना, खन्ना, पटियाला और अन्य स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था।
Q3. रेस्क्यू ऑपरेशन किसने चलाया?
GRP, RPF, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और जिला युवा विकास संगठन ने संयुक्त अभियान चलाया।
Q4. बच्चों को फिलहाल कहाँ रखा गया है?
उन्हें अंबाला छावनी स्थित ओपन शेल्टर होम में देखभाल और सुरक्षा के लिए रखा गया है।
Conclusion:
अंबाला रेलवे स्टेशन पर 14 बच्चों का रेस्क्यू बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों की सतर्कता से बच्चों को संभावित शोषण से बचाया जा सका। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जुटी हैं।

