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लुधियाना के निजी अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया मेडिकल लापरवाही का आरोप
लोहारा ब्रिज के पास अस्पताल के बाहर प्रदर्शन, डॉक्टरों और प्रबंधन के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग
लुधियाना के लोहारा ब्रिज के निकट स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार का आरोप है कि प्रसव प्रक्रिया में देरी और कथित मेडिकल लापरवाही के कारण बच्चे की जान चली गई।
नवजात की मौत के बाद अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन
लुधियाना में लोहारा ब्रिज के पास स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एक नवजात शिशु की मौत के बाद उसके परिजनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सा लापरवाही के चलते नवजात की जान गई।
शिमलापुरी पुलिस को दी गई लिखित शिकायत
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिमलापुरी पुलिस को लिखित शिकायत भी सौंपी है।परिजनों का कहना है कि मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
हाथों में तख्तियां लेकर किया प्रदर्शन
अस्पताल के बाहर एकत्रित परिजनों और समर्थकों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से न्याय की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई।
प्रसव में देरी का लगाया आरोप
पीड़ित परिवार के रिश्तेदार मोहन सिंह ने बताया कि गर्भवती महिला को 30 मई की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उनके अनुसार, डॉक्टरों ने परिवार को बताया था कि अगले दिन सर्जरी के माध्यम से प्रसव कराया जाएगा।
कई घंटों तक दर्द में रही महिला: परिजन
मोहन सिंह का आरोप है कि महिला को लगातार प्रसव पीड़ा हो रही थी, लेकिन डॉक्टर 31 मई की सुबह करीब 7 बजे पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रसव में हुई देरी के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई।
"मरीज कई घंटों तक असहनीय दर्द से गुजरती रही। बाद में प्रसव करवाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की हालत गंभीर है," उन्होंने आरोप लगाया।
डीएमसीएच रेफर करने के बाद हुई मौत
परिजनों के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) रेफर किया गया।
मोहन सिंह ने दावा किया कि जब तक बच्चे को डीएमसीएच पहुंचाया गया, तब तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिवार का आरोप है कि डीएमसीएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और प्रसव प्रक्रिया पूरी की जाती, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल मामले में परिजनों ने मेडिकल लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या वास्तव में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी।
Key Highlights:
- लुधियाना के निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद हंगामा
- परिजनों ने मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया
- अस्पताल के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी
- शिमलापुरी पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई
- प्रसव प्रक्रिया में देरी का आरोप
- गंभीर हालत में नवजात को डीएमसीएच किया गया था रेफर
- डीएमसीएच पहुंचने पर बच्चे को मृत घोषित किया गया
FAQ Section:
Q1. मामला किस शहर का है?
यह मामला पंजाब के लुधियाना शहर का है।
Q2. परिजनों ने क्या आरोप लगाए हैं?
परिजनों का आरोप है कि प्रसव प्रक्रिया में देरी और मेडिकल लापरवाही के कारण नवजात की मौत हुई।
Q3. शिकायत किसे दी गई है?
परिवार ने शिमलापुरी पुलिस को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है।
Q4. नवजात को किस अस्पताल में रेफर किया गया था?
नवजात को दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH), लुधियाना रेफर किया गया था।
Conclusion:
लुधियाना के इस मामले ने निजी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए मेडिकल लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

