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कैथल में AI पर विशेष सत्र: IIT कानपुर के साहिल ढुल ने छात्रों को सिखाए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग
हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर में आयोजित इंटरैक्टिव सत्र में छात्रों को AI टूल्स से नवाचार और करियर अवसरों की जानकारी दी गई
कैथल के हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर में आयोजित एक विशेष सत्र में IIT कानपुर के पूर्व छात्र और AI विशेषज्ञ साहिल ढुल ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं और इसके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी।
हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर में AI पर विशेष कार्यशाला
कैथल स्थित हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर में शुक्रवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना और AI के क्षेत्र में उभरते अवसरों की जानकारी देना था।
IIT कानपुर के साहिल ढुल ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस स्नातक और AI शोधकर्ता साहिल ढुल शामिल हुए। मशीन लर्निंग और ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन (HCI) के क्षेत्र में उनका शोध कार्य प्रकाशित हो चुका है और उनके नाम एक पेटेंट भी दर्ज है।
सेंटर प्रमुख बलिंदर ढुल ने उनका स्वागत करते हुए छात्रों को उनके शैक्षणिक और पेशेवर अनुभव से परिचित कराया।तकनीक से डरने की नहीं, सीखने की जरूरत
छात्रों को संबोधित करते हुए साहिल ढुल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा, "जिज्ञासा ही सबसे महत्वपूर्ण चीज है। यदि सीखने की इच्छा है, तो तकनीक को समझना और उसका उपयोग करना आसान हो जाता है।"
मुफ्त AI टूल्स से दिखाए नवाचार के तरीके
सत्र के दौरान साहिल ढुल ने केवल मुफ्त में उपलब्ध AI टूल्स जैसे ChatGPT और Claude का उपयोग करते हुए यह प्रदर्शित किया कि बिना किसी भुगतान वाली सदस्यता के भी लोग नई तकनीकों का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने छात्रों को बताया कि AI की मदद से:
- कंटेंट तैयार किया जा सकता है
- प्रोग्रामिंग और कोडिंग में सहायता मिल सकती है
- रिसर्च कार्यों को तेज किया जा सकता है
- नए बिजनेस आइडिया विकसित किए जा सकते हैं
- उत्पादकता और दक्षता बढ़ाई जा सकती है
वैश्विक अनुभव से छात्रों को किया प्रेरित
साहिल ढुल ने अपने नौ वर्षों के पेशेवर अनुभव को भी छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत और अमेरिका के बे एरिया में Adobe Research और Cohesity जैसी तकनीकी कंपनियों में कार्य किया है।
उन्होंने अपने स्टार्टअप अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने AI आधारित प्रोएक्टिव एजेंट्स विकसित किए और वर्तमान में भविष्य की AGI (Artificial General Intelligence) तथा वेयरेबल इंटरफेस तकनीकों पर काम कर रहे हैं।
AI भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और व्यवसाय सहित लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेगा।
सत्र में छात्रों को AI के जिम्मेदार उपयोग, नवाचार और करियर निर्माण की संभावनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
Key Highlights:
- कैथल के हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर में AI पर विशेष सत्र
- IIT कानपुर के पूर्व छात्र साहिल ढुल ने किया संबोधित
- मशीन लर्निंग और HCI में शोध एवं पेटेंट का अनुभव साझा
- ChatGPT और Claude जैसे मुफ्त AI टूल्स का प्रदर्शन
- छात्रों को AI आधारित करियर और नवाचार के अवसरों की जानकारी
- तकनीक से डरने के बजाय सीखने पर दिया जोर
- AI के भविष्य और उभरते अवसरों पर चर्चा
FAQ Section:
Q1. कार्यक्रम का आयोजन कहाँ किया गया था?
हारट्रॉन एडवांस्ड स्किल सेंटर, कैथल में।
Q2. मुख्य वक्ता कौन थे?
IIT कानपुर के कंप्यूटर ग्रेजुएट और AI विशेषज्ञ साहिल ढुल।
Q3. सत्र में किन AI टूल्स का उल्लेख किया गया?
ChatGPT और Claude जैसे मुफ्त AI टूल्स का उपयोग दिखाया गया।
Q4. छात्रों को क्या संदेश दिया गया?
तकनीक से डरने के बजाय जिज्ञासा और सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश दिया गया।
Conclusion:
कैथल में आयोजित यह AI सत्र छात्रों के लिए नई तकनीकों को समझने और डिजिटल भविष्य की तैयारी करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। साहिल ढुल ने अपने अनुभव और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह दिखाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोई भी व्यक्ति सही मार्गदर्शन और जिज्ञासा के साथ इसका लाभ उठा सकता है।

