कानूनी जागरूकता से सशक्त हो रहे नागरिक, दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंच रही न्याय की जानकारी

डीएलएसए की पहल—मुफ्त कानूनी सहायता, बाल विवाह रोकथाम और नशा मुक्ति पर विशेष जोर

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राज्य में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। डीएलएसए द्वारा विशेष अभियान चलाकर समाज के हर वर्ग तक न्याय की जानकारी पहुंचाई जा रही है।

राज्य के नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, न्यायिक प्रणाली के विभिन्न पहलुओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक कर उन्हें कानूनी रूप से सशक्त बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।

इस उद्देश्य के तहत जिला और उपमंडल स्तर पर विभिन्न अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज के हर वर्ग तक कानूनी जानकारी पहुंच सके।

इस कार्य के लिए स्थापित District Legal Services Authority (डीएलएसए) विशेष रूप से समाज के वंचित वर्गों को सहयोग प्रदान करती है और उन्हें अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है।

नारनौल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए चेयरमैन Narender Sura ने हाल ही में एक अंध बालिका विद्यालय और पुनर्वास केंद्र के दौरे के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “जीवन में दृष्टि की कमी बाधा नहीं है। आपकी आंतरिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति ही आपकी असली पहचान है। कानून और समाज हर कदम पर आपके साथ हैं। कभी खुद को कम मत आंकिए, आपकी बुद्धि और कौशल किसी से कम नहीं हैं। शिक्षा को अपना हथियार बनाइए और आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखिए।”

उन्होंने छात्राओं को उनके अधिकारों और दिव्यांगजनों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।

इस बीच, नारनौल डीएलएसए की सचिव सह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Neelam Kumari ने स्थानीय एडीआर सेंटर से दूरदराज के गांवों के लिए एक मोबाइल प्रचार वैन को रवाना किया।

यह वैन न केवल कानूनी जागरूकता फैलाने का काम करेगी, बल्कि युवाओं को नशा मुक्त अभियान से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान देगी। वैन में सवार पैनल अधिवक्ता गांव-गांव जाकर जागरूकता शिविर लगाएंगे और लोगों की समस्याओं के समाधान भी बताएंगे।

नीलम कुमारी ने कहा, “इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्याय को सरल और सभी के लिए सुलभ बनाना है।”

बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से ‘चाइल्ड मैरिज मुक्ति रथ’ को भी रवाना किया गया। इसके साथ ही बाल विवाह के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया, जिसमें लोगों ने इस कुप्रथा को रोकने का संकल्प लिया।

यह अभियान देशभर में चलाए जा रहे 100-दिवसीय ‘चाइल्ड मैरिज-फ्री इंडिया’ अभियान का हिस्सा है। लोगों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है।

इसके अलावा, जेलों में बंद कैदियों और जरूरतमंद लोगों के लिए भी विशेष कानूनी सहायता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में, District Legal Services Authority Rewari ने हाल ही में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए।

रेवाड़ी डीएलएसए के सचिव सह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Amit Verma ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य से जुड़े उनके मौलिक और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, नशे और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया।

लोगों को ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ योजना के तहत आपसी सहमति से विवादों को सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया। लोक अदालतों के माध्यम से सुलभ और त्वरित न्याय के बारे में भी जानकारी दी गई।

साथ ही, पात्र नागरिकों को मुफ्त कानूनी सहायता योजनाओं के बारे में बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग और 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता पाने के हकदार हैं।

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Edited By: Karan Singh

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