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दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से रियल एस्टेट को बड़ा बूस्ट, 25% तक बढ़ सकती हैं प्रॉपर्टी कीमतें
ढाई घंटे में सफर पूरा, कनेक्टिविटी सुधरने से प्लॉट, लॉजिस्टिक्स और सेकेंड होम की मांग बढ़ेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रा समय घटेगा और इसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट की मांग और कीमतों में तेज बढ़ोतरी की संभावना है।
Delhi–Dehradun Expressway, जिसका उद्घाटन Narendra Modi ने 14 अप्रैल को किया, अब दिल्ली से देहरादून का सफर 6 घंटे से घटाकर लगभग 2.5 घंटे में पूरा करेगा। यह 213 किमी लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी और कम यात्रा समय के कारण इस कॉरिडोर के आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ेगी। खासकर Muzaffarnagar, Saharanpur और Dehradun के बाहरी क्षेत्रों में जमीन, प्लॉटिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज और बाईपास के पास स्थित छोटे शहरों और कस्बों में भी निवेश बढ़ेगा। यहां लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में तेजी आने की संभावना है।
देहरादून में खास तौर पर लग्जरी सेकेंड होम (वीकेंड और हॉलिडे होम) की मांग बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि अब यहां पहुंचना आसान हो जाएगा।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी ANAROCK Group के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार के अनुसार, “बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा समय कम होता है, जिससे रिहायशी और व्यावसायिक प्रॉपर्टी की मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।”
क्या बढ़ेंगी कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 15% से 25% तक बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर Ghaziabad, लोनी, मंडोली, नरेला, बावाना, साहिबाबाद और पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, सीमापुरी, करावल नगर, सोनिया विहार और यमुना विहार जैसे क्षेत्रों में तेजी देखने को मिल सकती है।
इसके अलावा, बागपत में इंडस्ट्रियल पार्क और गाजियाबाद में लॉजिस्टिक्स हब के विकास से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग और बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे आने वाले 3 से 5 वर्षों में उत्तर भारत के रियल एस्टेट बाजार का नक्शा बदल सकता है।
