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सिरसा में राशन डिपो पर CM फ्लाइंग स्क्वॉड की छापेमारी, गेहूं की गुणवत्ता को लेकर जांच तेज
बीपीएल लाभार्थियों को दिए जा रहे गेहूं में रेत, मिट्टी और फफूंदी की शिकायतों के बाद कई राशन डिपो की हुई जांच, नमूने जांच के लिए भेजे गए
हरियाणा के सिरसा में मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड ने राशन डिपो पर अचानक निरीक्षण कर गेहूं की गुणवत्ता की जांच की। बीपीएल लाभार्थियों को वितरित किए जा रहे गेहूं में रेत, मिट्टी और फफूंदी मिलने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायतों के बाद हरकत में आया CM फ्लाइंग स्क्वॉड
हरियाणा के सिरसा में मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड ने शुक्रवार को कई राशन डिपो पर औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई जुलाई और अगस्त माह के लिए बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद की गई।
बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायतें पहुंची थीं कि शहर के कुछ राशन डिपो, विशेषकर वार्ड नंबर 20 और 21 में वितरित किए जा रहे गेहूं में रेत, मिट्टी और फफूंदी जैसी अशुद्धियां पाई जा रही हैं।
गेहूं के नमूने जांच के लिए लिए गए
निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न राशन डिपो से गेहूं के नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया है।इसके साथ ही अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, लाभार्थियों के रिकॉर्ड और वितरण से संबंधित अन्य दस्तावेजों की भी जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राशन वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्रवाई के दौरान पूर्व पार्षद प्रतिनिधि अमित सोनी, मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड के सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार और राजेश कुमार, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी राहुल कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सब-इंस्पेक्टर आनंद शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रारंभिक जांच में शिकायतें सही मिलने के संकेत
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में शिकायतों में प्रथम दृष्टया दम पाया गया। इसके बाद टीम ने शहर के कई राशन डिपो पर निरीक्षण अभियान चलाया।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान एक राशन डिपो को सील भी किया गया, जबकि अन्य डिपो पर जांच जारी रही।
अभी कार्रवाई का पूरा ब्योरा जारी नहीं
हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितने राशन डिपो की जांच की गई या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट और गुणवत्ता परीक्षण के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
डिपो संचालकों में मची हलचल
CM फ्लाइंग स्क्वॉड की अचानक कार्रवाई के बाद शहर के राशन डिपो संचालकों में हलचल का माहौल देखा गया। निरीक्षण अभियान के चलते कई डिपो संचालक सतर्क हो गए और विभागीय कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।
Key Highlights:
- सिरसा में CM फ्लाइंग स्क्वॉड ने कई राशन डिपो पर औचक निरीक्षण किया।
- बीपीएल लाभार्थियों को दिए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता पर शिकायतें मिली थीं।
- गेहूं में रेत, मिट्टी और फफूंदी होने के आरोप।
- विभिन्न राशन डिपो से गेहूं के नमूने जांच के लिए लिए गए।
- स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड की भी जांच हुई।
- प्रारंभिक जांच में शिकायतों में दम मिलने की जानकारी।
- एक राशन डिपो को सील किए जाने की सूचना।
- कार्रवाई के बाद डिपो संचालकों में हड़कंप मच गया।
FAQ Section
Q1. सिरसा में CM फ्लाइंग स्क्वॉड ने कार्रवाई क्यों की?
बीपीएल लाभार्थियों को वितरित किए जा रहे गेहूं की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
Q2. शिकायतों में क्या आरोप लगाए गए थे?
शिकायतों में कहा गया था कि गेहूं में रेत, मिट्टी और फफूंदी जैसी अशुद्धियां मौजूद हैं।
Q3. निरीक्षण के दौरान क्या-क्या जांच की गई?
टीम ने गेहूं के नमूने लिए, स्टॉक रजिस्टर, लाभार्थी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की।
Q4. क्या किसी राशन डिपो पर कार्रवाई हुई है?
सूत्रों के अनुसार, एक राशन डिपो को सील किया गया है। हालांकि अधिकारियों ने अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है।
Conclusion:
सिरसा में राशन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद CM फ्लाइंग स्क्वॉड की कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और जवाबदेही पर जोर दिखाई देता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और गुणवत्ता परीक्षण के नतीजों पर रहेगी, जिनके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

