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पंजाब में बाढ़ से बचाव के लिए 600 करोड़ रुपये की तैयारी, AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल का दावा
मानसून से पहले राज्यभर में बाढ़ सुरक्षा कार्य तेज, अजनाला में रावी नदी के तटबंधों की मरम्मत और ड्रेनों की सफाई पर विशेष जोर
अजनाला से विधायक और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ से बचाव के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि अजनाला सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर पंजाब सरकार का फोकस
अजनाला से विधायक और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार ने राज्यभर में मानसून से पहले बाढ़ से बचाव के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
सीमावर्ती गांवों बलारवाल, अबादी बाबा गाम चुक्क साहिब, अबादी हरनाम सिंह और वड्डा फतेहवाल के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में इस बार व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
रावी नदी के तटबंधों की मरम्मत और ड्रेनों की सफाई जारी
धालीवाल के अनुसार, राज्य सरकार ने सभी उपायुक्तों (DC) और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने बताया कि आवंटित राशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा रहा है—
बाढ़ सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रमुख कार्य
- रावी नदी के तटबंधों में पिछले वर्ष बने 23 कटाव स्थलों की मरम्मत और मजबूती।
- पत्थर के स्पर (Stone Spurs) का निर्माण।
- नदियों, ड्रेनों और मौसमी नालों की गाद (सिल्ट) की सफाई।
- बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में काम करने वाली विशेष मशीनों की तैनाती।
भाजपा पर साधा राजनीतिक निशाना
कुलदीप सिंह धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रतिनिधिमंडल भेजने के फैसले को 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता दिलाने में कोई ठोस भूमिका नहीं निभाई।
राहत पैकेज को लेकर लगाए आरोप
धालीवाल ने कहा कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था और बाद में 1,600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी।
हालांकि, उनका दावा है कि राज्य सरकार ने कुल नुकसान का आकलन लगभग 13,000 करोड़ रुपये किया था और घोषणा के एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद घोषित राहत राशि राज्य को जारी नहीं की गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे का भी किया उल्लेख
धालीवाल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिछले वर्ष अजनाला दौरे का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि उस समय केंद्रीय मंत्री ने स्थिति को "बाढ़ नहीं बल्कि बड़ी तबाही" बताया था। साथ ही उन्हें लगभग 2,000 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे और फसल नुकसान से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया था।
Key Highlights:
- पंजाब सरकार ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित करने का दावा।
- अजनाला सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य तेज।
- रावी नदी के तटबंधों के 23 कटाव स्थलों की मरम्मत जारी।
- ड्रेनों, नदियों और मौसमी नालों की सफाई का कार्य।
- जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए विशेष मशीनों की तैनाती।
- कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा पर केंद्र से राहत राशि न दिलाने का आरोप लगाया।
- पिछले वर्ष घोषित 1,600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का भी उल्लेख।
- केंद्र और राज्य के बीच राहत सहायता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी।
FAQ Section
Q1. पंजाब सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के लिए कितनी राशि आवंटित करने का दावा किया है?
AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल के अनुसार, राज्य सरकार ने बाढ़ सुरक्षा उपायों के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
Q2. इस राशि का उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है?
रावी नदी के तटबंधों की मरम्मत, ड्रेनों और नदियों की सफाई, बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने तथा विशेष मशीनों की तैनाती में।
Q3. धालीवाल ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र सरकार से पंजाब के लिए पर्याप्त बाढ़ राहत राशि दिलाने में विफल रही और प्रतिनिधिमंडल भेजना केवल राजनीतिक कदम है।
Q4. पिछले वर्ष घोषित राहत पैकेज कितना था?
धालीवाल के अनुसार, पिछले वर्ष 1,600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की गई थी, लेकिन राज्य को राशि जारी नहीं हुई।
Conclusion:
मानसून से पहले पंजाब में बाढ़ सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज होने का दावा किया जा रहा है। जहां राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर जोर दिया जा रहा है, वहीं राहत राशि और केंद्र की भूमिका को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। आने वाले मानसून के दौरान इन तैयारियों की प्रभावशीलता पर सभी की नजर रहेगी।

