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पंजाब कांग्रेस में बढ़ा असंतोष, चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर जुटे 60 नेता; संगठन में बदलाव पर उठे सवाल
प्रदेश अध्यक्ष पद पर राजा वड़िंग की दोबारा नियुक्ति के बाद कांग्रेस में पहली बार खुलकर दिखी नाराजगी, हाईकमान से पुनर्विचार की मांग
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल के बाद असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर करीब 60 वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम पर पुनर्विचार की मांग उठाई गई।
राजा वड़िंग की दोबारा ताजपोशी के बाद पंजाब कांग्रेस में असंतोष
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने के दो दिन बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आ गई। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में लगभग 60 कांग्रेस नेता शामिल हुए। यह हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
कई वरिष्ठ नेता और विधायक रहे मौजूद
बैठक में कांग्रेस की विभिन्न चुनाव समितियों में शामिल कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें 20 से अधिक वर्तमान और पूर्व विधायक शामिल थे।पूर्व मंत्रियों त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, ओपी सोनी, भारत भूषण आशु और परमिंदर पाल पिंकी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में भाग लिया। दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी इस बैठक में पहुंचे।
हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी नेताओं की नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जताते हुए चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी नेतृत्व के समक्ष उनकी भावनाएं और मांगें रखने के लिए अधिकृत किया। बताया जा रहा है कि असंतुष्ट नेता अगले सप्ताह विदेश से लौटने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय भी मांग सकते हैं।
बैठक के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पार्टी नेताओं ने उनसे पंजाब के लोगों की भावनाओं और अपेक्षाओं को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची पर पुनर्विचार की मांग
पूर्व मंत्री त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि सभी नेता आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे, लेकिन उनकी मांग है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची पर एक बार फिर विचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना है और जनता की आवाज को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना है।
बड़ी रैलियों और आगे की रणनीति पर हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में बड़े जनसमर्थन कार्यक्रम आयोजित करने और पार्टी हाईकमान को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
बताया गया कि चरणजीत सिंह चन्नी ने नेताओं से कहा कि पहले पार्टी नेतृत्व के साथ संवाद के माध्यम से समाधान तलाशा जाना चाहिए, क्योंकि सभी कांग्रेस परिवार का हिस्सा हैं।
वड़िंग समर्थकों ने बताया 'कमजोर शक्ति प्रदर्शन'
दूसरी ओर, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थकों ने इस बैठक को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उनके करीबी नेताओं का कहना है कि यह शक्ति प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं था।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को बैठक में शामिल और अनुपस्थित नेताओं की जानकारी भी भेजी गई है।
Key Highlights:
- चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर करीब 60 कांग्रेस नेताओं की बैठक।
- राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पहली खुली नाराजगी।
- 20 से अधिक वर्तमान और पूर्व विधायक बैठक में शामिल।
- प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची पर पुनर्विचार की मांग।
- राहुल गांधी से मुलाकात की तैयारी की चर्चा।
- बड़े जनसमर्थन कार्यक्रमों की रणनीति पर विचार।
- वड़िंग समर्थकों ने बैठक को 'कमजोर शक्ति प्रदर्शन' बताया।
FAQ Section
Q1. चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर बैठक क्यों हुई?
बैठक का उद्देश्य पंजाब कांग्रेस में हालिया संगठनात्मक बदलाव को लेकर नेताओं की नाराजगी पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।
Q2. बैठक में कितने नेता शामिल हुए?
करीब 60 कांग्रेस नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया, जिनमें कई पूर्व मंत्री और वर्तमान व पूर्व विधायक शामिल थे।
Q3. नेताओं की मुख्य मांग क्या है?
असंतुष्ट नेताओं की मांग है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची पर पार्टी नेतृत्व पुनर्विचार करे।
Q4. क्या कांग्रेस छोड़ने की बात सामने आई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार नेताओं ने पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही। उन्होंने अपनी मांगें कांग्रेस हाईकमान के समक्ष रखने और संगठन के भीतर समाधान निकालने पर जोर दिया।
Conclusion:
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद सामने आया असंतोष आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि असंतुष्ट नेता अभी भी अपनी बात पार्टी हाईकमान के सामने रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और संगठन के भीतर समाधान की उम्मीद जता रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।

