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कपूरथला में साइकोमेट्रिक टेस्ट ठेका दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षक को किया गिरफ्तार
मुख्यमंत्री एंटी-करप्शन एक्शन लाइन पर शिकायत के बाद कार्रवाई, प्रति छात्रा रिश्वत मांगने का आरोप
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कपूरथला के सरकारी स्कूल में कार्यरत एक विज्ञान शिक्षक एवं विधिक सलाहकार को साइकोमेट्रिक टेस्ट का ठेका दिलाने के बदले कथित रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कार्रवाई मुख्यमंत्री की एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद की गई।
विजिलेंस ब्यूरो की भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने कपूरथला के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात विज्ञान शिक्षक एवं विधिक सलाहकार परमजीत सिंह को कथित रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की एंटी-करप्शन एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर की गई।
सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी ने दर्ज कराई थी शिकायत
प्रवक्ता के अनुसार, शिकायत सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सतिंदर बीर सिंह ने दर्ज कराई थी।शिकायत में बताया गया कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अमृतसर में यूरीज़ एंटरप्राइज (Euries Enterprise) नामक फर्म स्थापित की, जो स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए साइकोमेट्रिक परीक्षण (Psychometric Testing) का कार्य करती है।
उन्होंने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के दौरान भुलत्थ ब्लॉक के 14 सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 187 छात्राओं के साइकोमेट्रिक परीक्षण की अनुमति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), कपूरथला को प्रस्ताव भेजा था।
प्रति छात्रा रिश्वत मांगने का आरोप
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, जांच में सामने आया कि परमजीत सिंह ने कथित रूप से जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रति छात्रा 200 रुपये रिश्वत की मांग की।
बाद में यह कथित मांग घटाकर 150 रुपये प्रति छात्रा कर दी गई।
सरकार देती है ₹700 प्रति छात्रा
प्रवक्ता ने बताया कि साइकोमेट्रिक परीक्षण कराने वाली एजेंसी को सरकार की ओर से प्रति छात्रा 700 रुपये का भुगतान किया जाता है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग को जांच में माना गया महत्वपूर्ण साक्ष्य
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि के पर्याप्त आधार मिले।
इसी के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच जारी
विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Key Highlights:
- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने विज्ञान शिक्षक परमजीत सिंह को गिरफ्तार किया।
- साइकोमेट्रिक टेस्ट का ठेका दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप।
- शिकायत मुख्यमंत्री एंटी-करप्शन एक्शन लाइन पर दर्ज कराई गई थी।
- प्रति छात्रा ₹200, बाद में ₹150 रिश्वत मांगने का आरोप।
- मामला 14 सरकारी स्कूलों की 187 छात्राओं के परीक्षण से जुड़ा।
- सरकार एजेंसी को प्रति छात्रा ₹700 का भुगतान करती है।
- शिकायतकर्ता की ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी।
- मामले की आगे जांच जारी है।
FAQ Section
Q1. विजिलेंस ब्यूरो ने किसे गिरफ्तार किया है?
कपूरथला के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत विज्ञान शिक्षक एवं विधिक सलाहकार परमजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
Q2. आरोपी पर क्या आरोप है?
आरोप है कि उन्होंने साइकोमेट्रिक टेस्ट का ठेका दिलाने के बदले प्रति छात्रा रिश्वत की मांग की।
Q3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
शिकायत सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सतिंदर बीर सिंह ने मुख्यमंत्री की एंटी-करप्शन एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज कराई थी।
Q4. जांच में कौन-सा साक्ष्य सामने आया?
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आई।
Conclusion:
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

