अमृतसर में प्रदूषित पेयजल पर बड़ी कार्रवाई, केमिकल फैक्ट्री का पानी और सीवर कनेक्शन काटा गया

वार्ड नंबर 35 में दूषित पानी की शिकायतों के बाद जांच में बिना उपचार किए औद्योगिक अपशिष्ट छोड़ने का मामला सामने आया, FIR की प्रक्रिया शुरू

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अमृतसर नगर निगम ने वार्ड नंबर 35 में दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद एक केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जांच में कथित रूप से बिना उपचार किए रासायनिक अपशिष्ट को सीवर में छोड़ने की पुष्टि होने पर फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन काट दिए गए हैं।

दूषित पेयजल की शिकायत के बाद नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर नगर निगम ने वार्ड नंबर 35 में दूषित पेयजल की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक केमिकल फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन काट दिए हैं। नगर निगम की जांच में कथित रूप से यह पाया गया कि फैक्ट्री बिना उपचार किए औद्योगिक रासायनिक अपशिष्ट को सीधे नगर निगम की सीवर लाइन में छोड़ रही थी।

नगर निगम के अनुसार, इस कारण आसपास के क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।

शिकायत मिलने पर किया गया आपात निरीक्षण

नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के निर्देश पर फील्ड टीम ने स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद मौके पर आपात निरीक्षण किया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अमर कलर केमिकल्स नामक फैक्ट्री कथित रूप से बिना उपचार किए रासायनिक अपशिष्ट को नगर निगम की सीवर प्रणाली में छोड़ रही थी, जिससे पेयजल प्रदूषित होने की आशंका पैदा हुई।

पेयजल लाइनों की सफाई शुरू, टैंकरों से हो रही जलापूर्ति

नगर निगम ने प्रभावित इलाके की पेयजल पाइपलाइनों की सफाई और फ्लशिंग का कार्य शुरू कर दिया है ताकि दूषित पानी को हटाकर सुरक्षित पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके।

इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्र के घरेलू जल कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है। नियमित जलापूर्ति पूरी तरह बहाल होने तक नागरिकों को पानी के टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन किए गए बंद

नगर निगम के अधीक्षण अभियंता हरप्रीत सिंह की निगरानी में फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन काट दिए गए।

यह कार्रवाई एसडीओ राजेश कुमार, जूनियर इंजीनियर गुरजीत सिंह, मकबूलपुरा थाना प्रभारी अमनदीप कौर और पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई।

FIR और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

नगर निगम ने मामले को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को भेज दिया है ताकि जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सके।

इसके अलावा, अमर कलर केमिकल्स के खिलाफ बिना उपचार किए औद्योगिक अपशिष्ट को सीवर में छोड़ने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

'प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस'

नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि शहर के सीवरेज नेटवर्क और पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले किसी भी व्यक्ति या औद्योगिक इकाई के प्रति नगर निगम की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


Key Highlights:

  • अमृतसर नगर निगम ने केमिकल फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन काटे।
  • वार्ड नंबर 35 में दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई।
  • जांच में कथित रूप से बिना उपचार किए औद्योगिक अपशिष्ट छोड़ने का मामला सामने आया।
  • प्रभावित इलाके की जल पाइपलाइनों की सफाई और फ्लशिंग शुरू।
  • पानी की आपूर्ति बहाल होने तक टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • PPCB को कानूनी कार्रवाई के लिए मामला भेजा गया।
  • फैक्ट्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू।
  • नगर निगम ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई।

FAQ Section

Q1. अमृतसर नगर निगम ने कार्रवाई क्यों की?

वार्ड नंबर 35 में दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद जांच में कथित रूप से एक केमिकल फैक्ट्री द्वारा बिना उपचार किए औद्योगिक अपशिष्ट को सीवर में छोड़ने का मामला सामने आया।

Q2. नगर निगम ने क्या कार्रवाई की है?

फैक्ट्री के पानी और सीवर कनेक्शन काट दिए गए हैं तथा कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की गई है।

Q3. प्रभावित क्षेत्र के लोगों को पानी कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है?

नियमित जलापूर्ति बहाल होने तक नगर निगम पानी के टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करा रहा है।

Q4. मामले में किन कानूनों के तहत कार्रवाई होगी?

मामला जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा गया है।


Conclusion:

अमृतसर नगर निगम की यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयासों में जुटा है।Screenshot_2993

Edited By: Karan Singh

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