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हरियाणा में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग; वोटिंग अधिकारों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
भारी बारिश के बीच महात्मा गांधी चौक पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता, राव दान सिंह के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन; मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
हरियाणा के करनाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग करते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की।
हरियाणा के करनाल में सोमवार को भारी बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किया। महात्मा गांधी चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी और ग्रामीण) की ओर से किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने मतदान के अधिकारों की सुरक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।
राव दान सिंह बोले- मुद्दा किसी पद या राजनीति का नहीं
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राव दान सिंह ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक पद को लेकर विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आम नागरिक की सबसे बड़ी ताकत उसका वोट है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग की।
'वोट चोरी' के आरोपों पर पारदर्शी जवाब की मांग
राव दान सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लगाए गए कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए आरोप गलत हैं तो इस पर पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘वोट चोरी’ कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के लिए इस्तेमाल किया गया राजनीतिक शब्द है, इसे स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को लेकर अपने स्तर पर वैधानिक प्रक्रिया और निर्णयों का बचाव किया है।
वोट को किसी राजनीतिक शक्ति की संपत्ति नहीं माना जा सकता
राव दान सिंह ने कहा कि नागरिकों के वोट को किसी राजनीतिक शक्ति की संपत्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिए जाने की मांग की।
जिला कांग्रेस नेताओं ने भी उठाई जवाबदेही की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के अध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि लोगों की मांग उनके मतदान अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि वोट केवल चुनाव में इस्तेमाल होने वाला अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक की आवाज और देश के भविष्य को तय करने में उसकी भूमिका का माध्यम है।
मतदाता सूची से जुड़े सवालों का पारदर्शी समाधान जरूरी: गाबा
पराग गाबा ने कहा कि मतदाता सूचियों और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े सवालों को पारदर्शी तरीके से संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है।
उन्होंने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
ग्रामीण कांग्रेस ने भी रखी अपनी बात
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राजेश वैद ने कहा कि लोकतंत्र की ताकत आम मतदाताओं के पास है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और युवाओं समेत सभी मतदाताओं के मतदान अधिकार को महत्वपूर्ण बताया।
हरियाणा में कांग्रेस ने सोमवार को अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर भी चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए।
Key Highlights:
- करनाल के महात्मा गांधी चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन।
- प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने किया।
- भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
- CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC के इस्तीफे की मांग की।
- मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई।
- चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की गई।
- राव दान सिंह ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग की।
- ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर पारदर्शी जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।
- हरियाणा के अन्य जिलों में भी कांग्रेस ने चुनावी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए।
FAQ Section:
1. हरियाणा में कांग्रेस ने प्रदर्शन क्यों किया?
कांग्रेस ने मतदान अधिकारों की सुरक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
2. करनाल में प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
करनाल में प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने किया। प्रदर्शन का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटियों की शहरी और ग्रामीण इकाइयों ने किया था।
3. कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार से क्या मांग की?
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
4. 'वोट चोरी' को लेकर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों पर पारदर्शी जवाब और जांच की मांग की है। ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
5. क्या सिर्फ करनाल में प्रदर्शन हुआ?
नहीं। 28 सितंबर 2026 को हरियाणा के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस की ओर से CEC और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए गए।
Conclusion:
करनाल में कांग्रेस का प्रदर्शन मतदाता अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों पर केंद्रित रहा। राव दान सिंह समेत कांग्रेस नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कथित चुनावी अनियमितताओं पर जवाबदेही की बात कही। वहीं, ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग इन विवादों के बीच अपनी प्रक्रियाओं और निर्णयों का बचाव कर रहा है।
