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LPU हिंसा के बाद फगवाड़ा कैंपस में शांति, 10 दिन के लिए कक्षाएं बंद; छात्र घर लौटे, DGP ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
NH-44 पर बहाल हुआ यातायात, कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात; कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए FIR और SIT गठित
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा में हिंसक प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को स्थिति शांत रही। 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र घर लौट गए, जबकि पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार को हालात सामान्य रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित किए जाने के बाद बड़ी संख्या में छात्र बैग और सामान लेकर अपने घरों के लिए रवाना हुए।
कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर NH-44 पर बाधित यातायात को भी बहाल कर दिया गया।
हजारों छात्र कैंपस से निकले
LPU कैंपस में करीब 40,000 छात्रों के होने की जानकारी दी गई थी। सोमवार सुबह तक बड़ी संख्या में छात्र ट्रेन, बस और टैक्सी से अपने घरों की ओर रवाना हो चुके थे।कई अभिभावक भी अपने बच्चों को लेने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से फगवाड़ा पहुंचे।
विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों के चलते नियमित कक्षाएं 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए स्थगित की हैं। 1 अक्टूबर से प्रस्तावित मिड-टर्म परीक्षाएं भी आगे बढ़ा दी गई हैं।
NH-44 पर यातायात बहाल
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को लंबे समय तक बाधित किया था। पुलिस के अनुसार सोमवार को NH-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया।
विश्वविद्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती जारी रही और कैंपस के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
हिंसा के बाद कैंपस में नुकसान के निशान
रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कई जगह संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
छात्रों के एक वर्ग ने हिंसा और तोड़फोड़ के लिए कथित तौर पर बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों की जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के परिणाम का इंतजार जरूरी है।
प्रदर्शन उस समय हिंसक हुआ जब छात्रों के बीच एक महिला छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न की खबर फैली थी। विश्वविद्यालय ने इस दावे को गलत, निराधार और अफवाह बताया है, जबकि पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच के लिए SIT गठित की है।
DGP गौरव यादव ने किया LPU का दौरा
पंजाब के DGP गौरव यादव ने सोमवार को LPU परिसर का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की व्यापक वैज्ञानिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
DGP के अनुसार, पुलिस वीडियो फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है ताकि हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने संयम बरता: DGP
DGP गौरव यादव ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संयम बरता। उनके अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस वाहनों पर पथराव किया गया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इस बात को ध्यान में रखा कि प्रदर्शन करने वाले छात्र हैं और उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की कई शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित थीं और पुलिस ने समाधान की प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
कथित यौन उत्पीड़न मामले में FIR और SIT
छात्रों की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज की है और मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।
पुलिस ने छात्रों से अपुष्ट अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। मामले में आरोपों की जांच जारी है और फिलहाल कथित घटना के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
छात्राओं के हॉस्टल से जुड़े मुद्दे भी उठे
DGP ने बताया कि छात्रों की कुछ मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित थीं। इनमें लड़कियों के हॉस्टल में महिला स्टाफ की तैनाती जैसी मांगें भी शामिल थीं।
पुलिस ने कहा कि प्रशासन से जुड़े ऐसे मुद्दों के समाधान में छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच संवाद कराने की कोशिश की गई।
Key Highlights:
- LPU फगवाड़ा में हिंसा के एक दिन बाद कैंपस में स्थिति शांत रही।
- विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित की हैं।
- 1 अक्टूबर से होने वाली मिड-टर्म परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
- बड़ी संख्या में छात्र ट्रेन, बस और टैक्सी से घर लौटे।
- कई राज्यों से अभिभावक बच्चों को लेने LPU पहुंचे।
- NH-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया।
- विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है।
- हिंसा और आगजनी की घटनाओं की जांच जारी है।
- कथित यौन उत्पीड़न के मामले में FIR दर्ज कर SIT गठित की गई है।
- DGP गौरव यादव ने CCTV, वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जांच की बात कही।
- पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
FAQ Section:
1. LPU में कक्षाएं कितने दिनों के लिए बंद की गई हैं?
LPU ने 28 सितंबर से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित की हैं।
2. क्या LPU की मिड-टर्म परीक्षाएं होंगी?
1 अक्टूबर से प्रस्तावित मिड-टर्म परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय बाद में संशोधित कार्यक्रम जारी करेगा।
3. क्या LPU कैंपस में अभी पुलिस तैनात है?
हां। हिंसा के बाद विश्वविद्यालय और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
4. LPU में हिंसा क्यों हुई?
प्रदर्शन एक महिला छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न की खबर के बाद शुरू हुआ था। मामले की जांच जारी है। LPU ने कथित घटना को अफवाह और निराधार बताया है, जबकि पुलिस ने FIR और SIT के जरिए जांच शुरू की है।
5. क्या NH-44 पर यातायात सामान्य हो गया है?
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बाधित हुआ NH-44 का यातायात सोमवार को बहाल कर दिया गया।
Conclusion:
LPU फगवाड़ा में हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार को स्थिति शांत रही और बड़ी संख्या में छात्र अपने घरों के लिए रवाना हुए। विश्वविद्यालय ने सुरक्षा कारणों से कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं, जबकि मिड-टर्म परीक्षाएं भी आगे बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने हिंसा और आगजनी की जांच तेज कर दी है। कथित यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच के लिए FIR और SIT गठित है, इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
