गुरुग्राम में निर्माण और तोड़फोड़ के कचरे पर सख्ती, OC-CC के लिए अब देना होगा डिस्पोजल का प्रमाण

MCG ने C&D Waste Management Rules, 2025 के तहत नए नियम लागू किए; 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर निर्माण से पहले कचरा निपटान की व्यवस्था जरूरी

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गुरुग्राम नगर निगम ने निर्माण एवं विध्वंस कचरे के निपटान को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब Occupancy Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेने के लिए अधिकृत केंद्र पर कचरा जमा कराने की पोर्टल-वेरिफाइड रसीद जरूरी होगी।

गुरुग्राम में निर्माण कार्य करने वाले बिल्डरों और सरकारी विभागों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने Construction and Demolition (C&D) Waste के निपटान को लेकर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए हैं।

अब किसी भवन को Occupancy Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) जारी कराने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे के उचित निपटान का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। यह कदम Environment (Construction and Demolition Waste) Management Rules, 2025 के अनुपालन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

MCG Commissioner प्रदीप दहिया की ओर से जारी दो आदेशों में निजी बिल्डरों के साथ-साथ सरकारी विभागों के लिए भी नई शर्तें निर्धारित की गई हैं।

200 वर्ग मीटर या बड़े प्लॉट के लिए नया नियम

नए आदेश के मुताबिक, 200 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर बिल्डिंग प्लान की मंजूरी लेने वाले आवेदकों को निर्माण शुरू करने से पहले प्रस्तावित demolition waste की अनुमानित मात्रा घोषित करनी होगी।

इसके बाद संबंधित कचरे को MCG द्वारा अधिकृत Basai facility में जमा करना होगा।

OC और CC के लिए रसीद जरूरी

निर्माण पूरा होने के बाद Occupancy Certificate या Completion Certificate तभी जारी किया जाएगा, जब आवेदक अधिकृत पोर्टल से सत्यापित ऐसी रसीद जमा करेगा, जिससे यह साबित हो सके कि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का निर्धारित तरीके से निपटान किया गया है।

इससे निर्माण स्थलों से निकलने वाले मलबे को अनधिकृत स्थानों पर फेंकने की घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।

बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए Waste Management Plan अनिवार्य

MCG ने बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स के लिए भी अतिरिक्त प्रावधान किया है।

20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक Built-up Area वाले प्रोजेक्ट्स को निर्माण शुरू करने से पहले Waste Management Plan तैयार करके मंजूरी के लिए प्रस्तुत करना होगा।

इस योजना में निर्माण से उत्पन्न होने वाले कचरे के संग्रह, परिवहन, निपटान और उपयोग की व्यवस्था का विवरण शामिल होगा।

C&D Waste के इस्तेमाल का लक्ष्य भी तय

नए नियमों में निर्माण एवं विध्वंस कचरे के पुन: उपयोग और उपयोगिता को बढ़ाने के लिए चरणबद्ध लक्ष्य तय किए गए हैं।

भवन निर्माण में निर्धारित C&D Waste utilisation target इस वर्ष 5 प्रतिशत से शुरू होगा और वर्ष 2030-31 तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाएगा।

वहीं, सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों में utilisation target को 15 प्रतिशत तक ले जाने का प्रावधान है।

सरकारी प्रोजेक्ट भी नियमों के दायरे में

MCG के आदेश के अनुसार केवल निजी बिल्डर ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी “producer-equivalent” के रूप में माना जाएगा।

इसका मतलब है कि सरकारी परियोजनाओं को भी C&D waste disposal और utilisation से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

छोटे प्रोजेक्ट्स पर भी नियम लागू होंगे और उन्हें निर्धारित कचरा उपयोग लक्ष्य पूरा करने के साथ-साथ निर्माण मलबा Basai स्थित अधिकृत सुविधा में जमा करना होगा।

सड़क और सार्वजनिक कार्यों के मलबे के लिए समय सीमा

MCG ने सार्वजनिक निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे को हटाने के लिए भी स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है।

तय की गई प्रमुख समय सीमाएं

  • Right of Way की मरम्मत से निकला कचरा: 48 घंटे के भीतर हटाना होगा।
  • सीवर कार्य का मलबा: 72 घंटे के भीतर हटाना होगा।
  • Water-line कार्य से निकलने वाला कचरा: 72 घंटे के भीतर हटाना होगा।
  • Road works का मलबा: 72 घंटे के भीतर हटाना होगा।

इन प्रावधानों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक निर्माण मलबा जमा रहने की समस्या को कम करना है।


Key Highlights:

  • गुरुग्राम में C&D Waste Management को लेकर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू।
  • 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट के लिए निर्माण से पहले waste declaration जरूरी।
  • मलबा MCG की अधिकृत Basai facility में जमा करना होगा।
  • OC/CC के लिए portal-verified disposal receipt अनिवार्य।
  • 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक Built-up Area वाले प्रोजेक्ट्स को Waste Management Plan देना होगा।
  • भवनों के लिए waste utilisation target 2030-31 तक 25% होगा।
  • सड़क परियोजनाओं के लिए utilisation target 15% तक जाएगा।
  • सरकारी परियोजनाएं भी नियमों के दायरे में होंगी।
  • Right of Way waste को 48 घंटे में हटाना होगा।
  • Sewer, water-line और road works का मलबा 72 घंटे में हटाना होगा।

FAQ Section

1. गुरुग्राम में OC या CC के लिए नया क्या अनिवार्य किया गया है?

अब Occupancy Certificate या Completion Certificate प्राप्त करने के लिए C&D waste के निर्धारित तरीके से निपटान का portal-verified proof प्रस्तुत करना होगा।

2. यह नियम किन प्लॉट पर लागू है?

बिल्डिंग प्लान अप्रूवल के लिए 200 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर नए प्रावधान लागू किए गए हैं।

3. निर्माण का मलबा कहां जमा करना होगा?

C&D waste को MCG द्वारा अधिकृत Basai facility में जमा करना होगा।

4. बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए क्या अतिरिक्त नियम है?

20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक Built-up Area वाले प्रोजेक्ट्स को Waste Management Plan तैयार कर मंजूरी के लिए प्रस्तुत करना होगा।

5. सड़क और सार्वजनिक कार्यों का मलबा कितने समय में हटाना होगा?

Right of Way repair waste को 48 घंटे के भीतर और sewer, water-line तथा road works से निकलने वाले waste को 72 घंटे के भीतर हटाना होगा।


Conclusion:

गुरुग्राम नगर निगम के नए आदेशों से निर्माण एवं विध्वंस कचरे के प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी और निगरानी दोनों बढ़ने की संभावना है। अब बिल्डरों और सरकारी एजेंसियों को निर्माण शुरू करने से लेकर प्रोजेक्ट पूरा होने तक C&D waste के संग्रह, निपटान और उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड बनाए रखने होंगे। OC और CC जारी करने को waste disposal proof से जोड़ने के फैसले से नियमों के अनुपालन पर अधिक जोर दिया गया है।Screenshot_277

Edited By: Atul Sharma

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