हरियाणा में लंपी स्किन डिजीज का बढ़ा खतरा, 3 जिलों में 10 मामलों की पुष्टि

NIHSAD भोपाल की जांच में कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और भिवानी में संक्रमण की पुष्टि; पशुपालन विभाग ने फील्ड जांच के बाद जारी की नई एडवाइजरी

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हरियाणा में पशुओं को प्रभावित करने वाली लंपी स्किन डिजीज (LSD) को लेकर चिंता बढ़ गई है। NIHSAD भोपाल ने राज्य के तीन जिलों से भेजे गए 12 नमूनों में से 10 में संक्रमण की पुष्टि की है।

 

हरियाणा में लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) के मामलों की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। भोपाल स्थित National Institute of High Security Animal Diseases (NIHSAD) ने राज्य में लंपी स्किन डिजीज के 10 मामलों की पुष्टि की है।

संक्रमण के मामले कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और भिवानी जिलों से सामने आए हैं। यह पुष्टि ऐसे समय हुई है जब अगस्त और सितंबर में की गई फील्ड जांच के बाद पशुपालन अधिकारियों की ओर से नई एडवाइजरी जारी की गई है।

LUVAS में 12 सैंपल मिले थे पॉजिटिव

शुरुआती जांच में हिसार स्थित Lala Lajpat Rai University of Veterinary and Animal Sciences (LUVAS) में 12 पशुओं के नमूनों में लंपी स्किन डिजीज की पुष्टि हुई थी।

इसके बाद इन सभी नमूनों को अंतिम पुष्टि के लिए NIHSAD, भोपाल भेजा गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भोपाल में जांच के बाद 12 में से 10 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।

यह स्थिति पशुपालन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय मानी जा रही है, क्योंकि LSD एक संक्रामक वायरल बीमारी है और पशुओं के बीच फैल सकती है।

क्या है लंपी स्किन डिजीज?

लंपी स्किन डिजीज मुख्य रूप से गाय और अन्य मवेशियों को प्रभावित करने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है। इसके संक्रमण से पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

पशु चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, बीमारी के कारण संक्रमित पशुओं में दूध उत्पादन घट सकता है और वजन कम होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

पशुपालकों को आर्थिक नुकसान का खतरा

LSD के गंभीर संक्रमण की स्थिति में पशुओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा पशुओं की खाल को नुकसान पहुंच सकता है और गंभीर मामलों में पशु की मौत भी हो सकती है।

इस वजह से बीमारी का असर केवल पशुओं के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि डेयरी और पशुपालन से जुड़े किसानों की आय पर भी पड़ सकता है।

तीन जिलों में संक्रमण की पुष्टि

NIHSAD की पुष्टि के बाद फिलहाल हरियाणा के जिन जिलों से मामलों की जानकारी सामने आई है, उनमें शामिल हैं:

  • कुरुक्षेत्र
  • यमुनानगर
  • भिवानी

अगस्त और सितंबर में की गई फील्ड जांच के बाद पशुपालन विभाग ने बीमारी की निगरानी और रोकथाम को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है।

पशुपालकों के लिए सतर्कता जरूरी

लंपी स्किन डिजीज संक्रामक होने के कारण संक्रमित पशुओं की पहचान और बीमारी के संभावित प्रसार को रोकना महत्वपूर्ण है। पशुपालकों को पशुओं में बीमारी के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सक या पशुपालन विभाग से संपर्क करना चाहिए।

नोट: बीमारी की रोकथाम, उपचार और टीकाकरण को लेकर पशुपालकों को अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

Key Highlights:

  • हरियाणा में लंपी स्किन डिजीज के 10 मामलों की पुष्टि।
  • NIHSAD भोपाल ने नमूनों की अंतिम पुष्टि की।
  • कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और भिवानी में संक्रमण की जानकारी।
  • LUVAS हिसार में शुरुआती जांच में 12 सैंपल पॉजिटिव मिले थे।
  • 12 में से 10 नमूनों की भोपाल में पुष्टि हुई।
  • LSD मुख्य रूप से मवेशियों को प्रभावित करने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है।
  • बीमारी से दूध उत्पादन और पशुओं के वजन पर असर पड़ सकता है।
  • गंभीर मामलों में प्रजनन क्षमता, खाल और पशु के जीवन पर भी असर पड़ सकता है।
  • फील्ड जांच के बाद पशुपालन अधिकारियों ने नई एडवाइजरी जारी की है।

FAQ Section:

1. लंपी स्किन डिजीज क्या है?

लंपी स्किन डिजीज यानी LSD मवेशियों को प्रभावित करने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है।

2. हरियाणा में कितने मामलों की पुष्टि हुई है?

NIHSAD भोपाल की जांच के अनुसार, भेजे गए 12 नमूनों में से 10 में LSD संक्रमण की पुष्टि हुई है।

3. हरियाणा के किन जिलों में मामले मिले हैं?

कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और भिवानी जिलों से संक्रमण की पुष्टि हुई है।

4. लंपी बीमारी से पशुओं पर क्या असर पड़ सकता है?

बीमारी के कारण दूध उत्पादन में कमी, वजन कम होना, प्रजनन संबंधी समस्याएं और खाल को नुकसान हो सकता है। गंभीर मामलों में पशु की मौत भी हो सकती है।

5. पशुपालकों को क्या करना चाहिए?

पशु में बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर उसे अन्य पशुओं से अलग रखने और तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सक या पशुपालन विभाग से संपर्क करने जैसे आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए।

Conclusion:

हरियाणा में लंपी स्किन डिजीज के 10 मामलों की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग के सामने संक्रमण की निगरानी और रोकथाम की चुनौती बढ़ गई है। कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और भिवानी में मामलों की पुष्टि हुई है। पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे पशुओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी संदिग्ध संक्रमण की स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क करें।Screenshot_279

Edited By: Atul Sharma

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