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हरियाणा में 13.20 लाख एकड़ फसल का सत्यापन लंबित, धान खरीद से पहले किसानों की बढ़ी चिंता
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 22.35 लाख एकड़ फसल का रिकॉर्ड मिसमैच मिला, अब तक सिर्फ 41% क्षेत्र का सत्यापन पूरा
हरियाणा में धान खरीद शुरू होने से पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फसल रिकॉर्ड के मिसमैच मामलों का सत्यापन बड़ी चुनौती बन गया है। करीब 13.20 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन अभी बाकी है, जिससे किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने में परेशानी की आशंका है।
हरियाणा में धान खरीद शुरू होने से ठीक पहले किसानों से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। राज्य के ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल पर दर्ज फसल क्षेत्र में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड मिसमैच पाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 59 फीसदी मिसमैच फसल क्षेत्र का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है।
सोमवार शाम 7 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के किसानों ने खरीफ सीजन की फसलों के लिए करीब 57 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया था। इसमें लगभग 23 लाख एकड़ क्षेत्र में परमल किस्म का धान दर्ज किया गया है।
22.35 लाख एकड़ क्षेत्र में मिला मिसमैच
पंजीकृत फसल रिकॉर्ड की जांच के दौरान करीब 22.35 लाख एकड़ क्षेत्र में फसल संबंधी विवरण मिसमैच पाया गया। इनमें से लगभग 9.14 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।वहीं करीब 13.20 लाख एकड़ क्षेत्र अभी भी सत्यापन के इंतजार में है। इसका मतलब है कि अब तक मिसमैच पाए गए क्षेत्र में लगभग 41 फीसदी का सत्यापन हुआ है, जबकि करीब 59 फीसदी क्षेत्र लंबित है।
धान की खरीद 29 सितंबर से शुरू होने वाली है, ऐसे में लंबित सत्यापन को लेकर किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
MSP पर फसल बेचने के लिए MFMB पंजीकरण जरूरी
हरियाणा में किसानों के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण महत्वपूर्ण है। मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने के लिए किसानों को इस पोर्टल पर फसल संबंधी विवरण दर्ज कराना होता है।
यदि किसी किसान की फसल या जमीन का क्षेत्रफल पोर्टल पर दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाता और उसका सत्यापन समय पर पूरा नहीं होता, तो उसे फसल बिक्री के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
डिजिटल फसल सत्यापन में आई बाधाएं
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने पिछले वर्ष डिजिटल फसल सर्वे कराने की योजना बनाई थी। हालांकि, पटवारियों की कमी के कारण इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका। इसके बाद राजस्व विभाग की ओर से गिरदावरी कराई गई।
इस साल डिजिटल फसल सत्यापन को अनिवार्य किया गया था। लेकिन अगस्त में पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर जाने से सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई।
कृषि और राजस्व विभाग मिलकर कर रहे सत्यापन
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी मिलकर लंबित सत्यापन को पूरा करने में जुटे हैं।
सरकार की कोशिश है कि धान खरीद शुरू होने से पहले अधिक से अधिक लंबित मामलों का समाधान किया जा सके।
इन जिलों में भी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड लंबित
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सिरसा में सबसे अधिक करीब 3 लाख एकड़ क्षेत्र मिसमैच पाया गया है। इसमें से 78,158 एकड़ का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 2.27 लाख एकड़ अभी लंबित है।
हिसार में 1.58 लाख एकड़ मिसमैच क्षेत्र में से करीब 88,000 एकड़ का सत्यापन अभी बाकी है।
महेंद्रगढ़ में 1.37 लाख एकड़ में से लगभग 74,000 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन लंबित है। वहीं भिवानी में 2.87 लाख एकड़ मिसमैच क्षेत्र में से करीब 1.83 लाख एकड़ अभी सत्यापन के इंतजार में है।
यमुनानगर में कुल 1.15 लाख एकड़ मिसमैच क्षेत्र में से लगभग 64,000 एकड़ का सत्यापन लंबित बताया गया है।
Key Highlights:
- हरियाणा में करीब 22.35 लाख एकड़ फसल क्षेत्र में रिकॉर्ड मिसमैच मिला।
- करीब 13.20 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन अभी लंबित है।
- अब तक लगभग 9.14 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन पूरा हुआ है।
- मिसमैच क्षेत्र में सिर्फ करीब 41 फीसदी सत्यापन पूरा हुआ है।
- करीब 59 फीसदी क्षेत्र अभी सत्यापन के इंतजार में है।
- हरियाणा में धान खरीद 29 सितंबर से शुरू होनी है।
- MSP पर फसल बेचने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है।
- सिरसा में करीब 3 लाख एकड़ क्षेत्र मिसमैच पाया गया है, जो जिलों में सबसे अधिक है।
FAQ Section:
Q1. हरियाणा में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल क्या है?
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ हरियाणा सरकार का ऑनलाइन पोर्टल है, जिस पर किसान अपनी फसल और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज करते हैं।
Q2. कितने क्षेत्र में फसल रिकॉर्ड मिसमैच पाया गया है?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 22.35 लाख एकड़ क्षेत्र में फसल संबंधी रिकॉर्ड मिसमैच पाया गया है।
Q3. कितने क्षेत्र का सत्यापन अभी बाकी है?
करीब 13.20 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन अभी लंबित है।
Q4. धान की खरीद कब शुरू होनी है?
हरियाणा में धान की खरीद 29 सितंबर से शुरू होने वाली है।
Q5. सबसे अधिक लंबित क्षेत्र किस जिले में है?
दिए गए आंकड़ों के अनुसार सिरसा में करीब 2.27 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन अभी लंबित है।
Conclusion:
हरियाणा में धान खरीद शुरू होने से पहले फसल रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से पूरा करना महत्वपूर्ण हो गया है। करीब 13.20 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन लंबित होने के कारण संबंधित किसानों को अपनी फसल की बिक्री को लेकर चिंता हो सकती है। कृषि और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से लंबित मामलों का सत्यापन पूरा करने में जुटे हैं, ताकि किसानों को MSP पर फसल बेचते समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
