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पंजाब में NEET टॉपर्स की बदली पसंद, सरकारी मेडिकल कॉलेजों से ज्यादा प्राइवेट संस्थानों की ओर रुझान
2026-27 की काउंसलिंग में DMCH लुधियाना बना टॉप रैंकर्स की पहली पसंद, लड़कियों ने भी हासिल कीं अधिक MBBS सीटें
पंजाब में NEET-UG के टॉप रैंकर्स की मेडिकल कॉलेज पसंद में बदलाव देखने को मिला है। 2026-27 की प्रोविजनल काउंसलिंग में Dayanand Medical College and Hospital, Ludhiana को कई उच्च रैंक वाले छात्रों ने सरकारी कॉलेजों पर प्राथमिकता दी।
पंजाब में मेडिकल शिक्षा को लेकर छात्रों की पसंद में बड़ा बदलाव सामने आया है। NEET-UG में बेहतर रैंक हासिल करने वाले कई छात्र अब पारंपरिक सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बजाय निजी संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह रुझान पिछले कुछ शैक्षणिक सत्रों के काउंसलिंग पैटर्न और कटऑफ में भी दिखाई दे रहा है।
Baba Farid University of Health Sciences (BFUHS) की 2026-27 की प्रोविजनल काउंसलिंग के आंकड़ों के अनुसार, Dayanand Medical College and Hospital (DMCH), Ludhiana उच्च रैंक वाले छात्रों के बीच MBBS के लिए प्रमुख पसंद के रूप में सामने आया है।
टॉप रैंकर्स ने DMCH लुधियाना को चुना
ओपन कैटेगरी के दो दर्जन से अधिक उच्च रैंक वाले उम्मीदवारों ने DMCH लुधियाना को चुना। खास बात यह है कि निजी संस्थान की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी अधिक है।रिपोर्ट के अनुसार, DMCH में 5.5 साल के MBBS कोर्स की कुल फीस करीब 25.22 लाख रुपये है, जबकि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह करीब 10.83 लाख रुपये है।
इसके बावजूद कई टॉप रैंकर्स ने निजी कॉलेज को प्राथमिकता दी।
रैंक 2 से 5 तक के छात्रों ने DMCH चुना
राज्य की ओपन कैटेगरी में रैंक 2 से 5 हासिल करने वाले उम्मीदवारों ने प्रतिष्ठित Government Medical College, Patiala के बजाय DMCH को चुना।
सरकारी कॉलेजों में पहली पसंद के रूप में Patiala का नाम रैंक 6 पर दिखाई दिया। इसके बाद Dr BR Ambedkar State Institute of Medical Sciences, Mohali में पहला चयन रैंक 17 और Government Medical College, Amritsar में रैंक 18 पर हुआ।
वहीं, Guru Gobind Singh Medical College, Faridkot में पहला टॉप उम्मीदवार रैंक 53 पर पहुंचा।
टॉप छात्रों की कॉलेज पसंद
- DMCH, Ludhiana — टॉप रैंकर्स की प्रमुख पसंद
- GMC, Patiala — पहला चयन रैंक 6
- Dr BR Ambedkar State Institute of Medical Sciences, Mohali — रैंक 17
- GMC, Amritsar — रैंक 18
- GGSMC, Faridkot — पहला चयन रैंक 53
फीस के बावजूद निजी कॉलेज क्यों पसंद कर रहे छात्र?
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ उच्च रैंक वाले उम्मीदवार बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस वजह से वे सरकारी संस्थानों की कम फीस के बजाय निजी मेडिकल कॉलेज की अधिक फीस को स्वीकार कर रहे हैं।
हालांकि, यह किसी एक कारण से जुड़ा निश्चित निष्कर्ष नहीं है। छात्रों की कॉलेज पसंद पर फीस, हॉस्टल, क्लिनिकल प्रशिक्षण, शहर, परिवहन और पारिवारिक परिस्थितियों जैसे कई कारक प्रभाव डाल सकते हैं।
सरकारी कॉलेजों का 20 लाख रुपये का बॉन्ड भी चर्चा में
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले से जुड़े 20 लाख रुपये के सर्विस बॉन्ड को भी छात्रों की पसंद प्रभावित करने वाले संभावित कारणों में गिना जा रहा है।
राज्य की नीति के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों को पढ़ाई और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित अवधि तक सेवा करनी होती है। इसके लिए 20 लाख रुपये का बॉन्ड लिया जाता है और संपत्ति संबंधी सुरक्षा या निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था भी लागू हो सकती है।
Faridkot और छोटे शहरों की तुलना में बड़े शहरों को प्राथमिकता
काउंसलिंग के रुझान में Patiala, Mohali और Amritsar जैसे शहरी केंद्रों को Faridkot की तुलना में अधिक प्राथमिकता मिलती दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ शहर की कनेक्टिविटी, जीवनशैली, सामाजिक सुविधाएं और शहरी वातावरण भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
इसका असर खासतौर पर टॉप रैंक वाले छात्रों की कॉलेज प्राथमिकताओं में देखा जा रहा है।
पंजाब में लड़कियों का MBBS सीटों पर दबदबा
NEET-UG 2026-27 की पहली काउंसलिंग में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। BFUHS की पहली प्रोविजनल allotment में 1,386 MBBS सीटों में से 811 सीटें महिलाओं को मिलीं, जबकि पुरुष उम्मीदवारों को 575 सीटें मिलीं। यानी महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 59 फीसदी रही।
शीर्ष 20 मेरिट रैंक में भी 13 सीटें महिला उम्मीदवारों को मिलीं। हालांकि, शीर्ष 100 रैंक में महिला और पुरुष उम्मीदवारों का अनुपात लगभग बराबर रहा।
सरकारी कॉलेजों में भी महिलाओं की मजबूत हिस्सेदारी
पहली allotment में Government Medical College, Patiala की 201 MBBS सीटों में 112 महिलाओं को मिलीं। GMC Amritsar में 198 में से 102 और Guru Gobind Singh Medical College, Faridkot में 161 में से 99 सीटें महिला उम्मीदवारों को मिलीं।
पंजाब में MBBS सीटों की संख्या भी बढ़ी
2026 में पंजाब में MBBS सीटों की संख्या बढ़कर 1,850 हो गई है। इसमें पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 900 सीटें और निजी संस्थानों में 950 सीटें हैं। RIMT Medical College and Hospital, Mandi Gobindgarh में सीटें 50 से बढ़ाकर 100 किए जाने के बाद यह वृद्धि हुई।
हालांकि पहली काउंसलिंग के बाद 597 MBBS सीटें खाली भी रह गई थीं, जिनमें सरकारी कॉलेजों की 234 और निजी/माइनॉरिटी संस्थानों की 363 सीटें शामिल थीं।
Key Highlights:
- पंजाब में NEET-UG टॉप रैंकर्स की कॉलेज पसंद में बदलाव दिखा।
- 2026-27 की प्रोविजनल काउंसलिंग में DMCH Ludhiana प्रमुख पसंद बना।
- ओपन कैटेगरी के दो दर्जन से अधिक हाई-रैंक उम्मीदवारों ने DMCH चुना।
- रैंक 2 से 5 तक के उम्मीदवारों ने भी DMCH को प्राथमिकता दी।
- GMC Patiala में पहला टॉप चयन रैंक 6 पर हुआ।
- Mohali में पहला चयन रैंक 17 और Amritsar में रैंक 18 पर हुआ।
- GGSMC Faridkot में पहला उम्मीदवार रैंक 53 पर पहुंचा।
- निजी कॉलेजों की अधिक फीस के बावजूद कई छात्रों ने उन्हें चुना।
- सरकारी कॉलेजों से जुड़े 20 लाख रुपये के सर्विस बॉन्ड को भी संभावित कारक माना जा रहा है।
- पहली काउंसलिंग में महिलाओं को 1,386 में से 811 MBBS सीटें मिलीं।
- पंजाब में MBBS सीटों की कुल संख्या बढ़कर 1,850 हो गई है।
FAQ Section:
1. पंजाब में NEET टॉपर्स की पहली पसंद कौन सा कॉलेज रहा?
2026-27 की प्रोविजनल काउंसलिंग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Dayanand Medical College and Hospital (DMCH), Ludhiana उच्च रैंक वाले छात्रों की प्रमुख पसंद के रूप में सामने आया।
2. DMCH Ludhiana की MBBS फीस कितनी है?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 5.5 साल के MBBS कोर्स की फीस करीब 25.22 लाख रुपये बताई गई है।
3. सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस कितनी है?
रिपोर्ट में राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 5.5 साल की फीस करीब 10.83 लाख रुपये बताई गई है।
4. क्या पंजाब में महिला उम्मीदवारों को अधिक MBBS सीटें मिलीं?
हां। BFUHS की पहली 2026-27 allotment में 1,386 MBBS सीटों में से 811 सीटें महिला उम्मीदवारों को मिलीं, जो करीब 59 फीसदी हैं।
5. पंजाब में इस साल कितनी MBBS सीटें हैं?
RIMT Medical College में सीटें बढ़ने के बाद पंजाब में MBBS सीटों की कुल संख्या 1,850 हो गई है।
Conclusion:
पंजाब में NEET-UG 2026-27 की काउंसलिंग से मेडिकल शिक्षा को लेकर छात्रों की बदलती प्राथमिकताओं की तस्वीर सामने आती है। उच्च रैंक वाले कुछ उम्मीदवार सरकारी कॉलेजों की कम फीस के बजाय निजी संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल एक्सपोजर को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही, महिला उम्मीदवारों की मजबूत हिस्सेदारी भी इस साल के काउंसलिंग आंकड़ों की प्रमुख विशेषता रही है। हालांकि अंतिम कॉलेज प्राथमिकताओं का आकलन सभी काउंसलिंग राउंड पूरे होने के बाद ही अधिक स्पष्ट होगा।
