- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- सिरसा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महंगाई और NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सिरसा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महंगाई और NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मिनी सचिवालय पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; पार्टी की अंदरूनी कलह भी आई सामने
सिरसा में जिला कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं और आम जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सिरसा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
हरियाणा के सिरसा में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को मिनी सचिवालय के बाहर बढ़ती महंगाई और कथित NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने किया।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
“NEET पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ा”
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संतोष बेनीवाल ने कहा कि NEET परीक्षा का कथित पेपर लीक देशभर के करीब 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य तथा विश्वास पर बड़ा आघात है।उन्होंने कहा कि इस विवाद के कारण कई छात्र मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं।
“पेपर लीक माफिया युवाओं के भविष्य से कर रहा खिलवाड़”
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एक संगठित “पेपर लीक माफिया” सक्रिय है।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई।
पेट्रोल-डीजल और CNG कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार घिरी
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी निशाना साधा।
संतोष बेनीवाल ने कहा कि 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर से अधिक तथा CNG की कीमत में 3 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है।
उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं।
महंगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ने का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन, कृषि, उद्योग और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि:
- खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ेंगी
- सब्जियां और दूध महंगे होंगे
- दवाइयों और निर्माण सामग्री की लागत बढ़ेगी
- खेती का खर्च और ज्यादा बढ़ेगा
किसानों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव
बेनीवाल ने कहा कि किसान सबसे अधिक प्रभावित होंगे क्योंकि ट्रैक्टर, ट्यूबवेल, हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनों में डीजल का व्यापक इस्तेमाल होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 11 वर्षों के शासनकाल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।
प्रदर्शन में कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में अधिवक्ता नरेश मलिक, केआर पिलानिया, नरेंद्र शर्मा, विकास ढिल्लों, संतोष कटारिया, चंचल, जतिन, अल्का और राजेंद्र कसानिया सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की गुटबाजी भी आई सामने
सिरसा में पेट्रोल-डीजल कीमतों के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने आई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष बेनीवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के तीनों विधायक — गोकुल सेतिया, शिशपाल केहरवाला और भरत सिंह बेनीवाल — शामिल नहीं हुए।
विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
Key Highlights:
- सिरसा में कांग्रेस का महंगाई और NEET मुद्दे पर प्रदर्शन
- राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
- कांग्रेस ने NEET पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की
- पेट्रोल, डीजल और CNG कीमतों में बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार को घेरा
- किसानों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया
- प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की गुटबाजी भी उजागर हुई
FAQ Section:
Q1. सिरसा में कांग्रेस ने किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
महंगाई और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया गया।
Q2. प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
Q3. कांग्रेस ने NEET मामले में क्या मांग की?
कांग्रेस ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Q4. कांग्रेस ने किन कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया?
पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया गया।
Q5. प्रदर्शन के दौरान कौन-सा राजनीतिक मुद्दा चर्चा में रहा?
कांग्रेस के तीनों विधायकों की अनुपस्थिति से पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी चर्चा में रही।
Conclusion:
सिरसा में कांग्रेस का यह प्रदर्शन महंगाई और NEET विवाद को लेकर जनता के बीच राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान पार्टी के विधायकों की अनुपस्थिति ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को भी उजागर कर दिया। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।

