AAP नेता दीपक सिंगला को ED रिमांड, फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की बैंक धोखाधड़ी का आरोप

पंचकूला की PMLA कोर्ट ने छह दिन की ED हिरासत मंजूर की, विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट घोटाले में बड़ा खुलासा

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आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करोड़ों रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी और फर्जी आयात दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उन्हें छह दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

AAP नेता दीपक सिंगला को छह दिन की ED रिमांड

पंचकूला स्थित PMLA विशेष अदालत ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता दीपक सिंगला को छह दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) हिरासत में भेज दिया। दीपक सिंगला को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था।

दीपक सिंगला AAP के गोवा प्रभारी रह चुके हैं और उन्होंने 2020 तथा 2025 में दिल्ली की विश्वास नगर सीट से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ा था।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

ED द्वारा अदालत में पेश किए गए रिमांड दस्तावेजों के अनुसार दीपक सिंगला, उनके भाई रमन सिंगला और मामा अशोक कुमार मित्तल ने भारत और सिंगापुर में कई आपस में जुड़ी कंपनियों का नेटवर्क बनाया था।

एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और बैंक धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया गया।

विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में कथित घोटाला

ED के अनुसार आरोपियों ने बैंक से विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट (FLC) खुलवाने और उसकी राशि बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

इनमें शामिल थे:

  • बिल ऑफ लैडिंग
  • बिल ऑफ एंट्री
  • कॉन्ट्रैक्ट
  • अन्य आयात-निर्यात दस्तावेज

ED ने अदालत को बताया कि जांच में यह साबित हो चुका है कि बैंक में जमा किए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत थे।

“लकड़ी का कोई वास्तविक आयात नहीं हुआ”

प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि मामले में लकड़ी (Timber) के आयात का जो दावा किया गया था, वह वास्तविक नहीं था।

जांच एजेंसी के अनुसार:

“ज्यादातर आयात दस्तावेज फर्जी पाए गए और किसी प्रकार का वास्तविक आयात नहीं हुआ।”

ED ने कहा कि इससे साफ होता है कि पूरे लेनदेन का उद्देश्य धोखाधड़ी करना था।

CBI ने भी दर्ज किया था मामला

इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पहले ही अशोक कुमार मित्तल के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है।

CBI के अनुसार:

  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) की करनाल शाखा को धोखा दिया गया
  • शुरुआत में 21.48 करोड़ रुपये के FLC खोले गए
  • बाद में इन्हें बढ़ाकर 173.04 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया

बैंक अधिकारी को सिंगापुर बसाने का लालच

ED ने बताया कि OBC शाखा के बर्खास्त वरिष्ठ प्रबंधक सुरेंद्र कुमार रंगा ने 2022 में दिए बयान में खुलासा किया था कि अशोक कुमार मित्तल ने उनसे लेटर ऑफ क्रेडिट की सीमा बढ़ाने को कहा था।

बदले में उन्हें सिंगापुर में बसाने में मदद का कथित वादा किया गया था।

दीपक सिंगला की कथित भूमिका क्या थी?

ED के अनुसार दीपक सिंगला और उनके भाई हरीश सिंगला M/s Traffic Media India Pvt Ltd के निदेशक थे।

यह कंपनी कथित तौर पर M/s Mahesh Timber Pvt Ltd से लकड़ी खरीदती थी।

वहीं दीपक सिंगला के भाई रमन सिंगला M/s Amazon Export Pte Ltd (AEPL) में निदेशक थे, जो Mahesh Timber Pvt Ltd को लकड़ी और संबंधित सामान सप्लाई करती थी।

जांच में सामने आए फर्जी लेनदेन

ED ने दावा किया कि जांच के दौरान खातों और लेजर रिकॉर्ड से पता चला कि M/s Traffic Media India Pvt Ltd ने लंबे समय तक “आयातित लकड़ी” खरीदने के रिकॉर्ड दिखाए।

हालांकि CBI और CBIC की जांच में अधिकतर आयात दस्तावेज फर्जी पाए गए।

एजेंसी के मुताबिक:

  • लकड़ी का वास्तविक आयात नहीं हुआ
  • खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड काल्पनिक प्रतीत होते हैं
  • सामान की वास्तविक आवाजाही नहीं हुई

आगे भी जारी रहेगी जांच

ED ने अदालत को बताया कि मामले में कई अन्य कंपनियों और लेनदेन की जांच अभी जारी है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और धनशोधन के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।


Key Highlights:

  • AAP नेता दीपक सिंगला छह दिन की ED हिरासत में
  • विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट घोटाले में कार्रवाई
  • फर्जी आयात दस्तावेजों से करोड़ों की बैंक धोखाधड़ी का आरोप
  • CBI और ED दोनों कर रही हैं जांच
  • लकड़ी के फर्जी आयात का मामला सामने आया
  • कई कंपनियों और निदेशकों की भूमिका जांच के दायरे में

FAQ Section:

Q1. दीपक सिंगला कौन हैं?

दीपक सिंगला आम आदमी पार्टी के नेता और गोवा प्रभारी रह चुके हैं।

Q2. ED ने उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया?

उन्हें कथित बैंक धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है।

Q3. कोर्ट ने कितने दिन की रिमांड दी?

पंचकूला की PMLA कोर्ट ने छह दिन की ED रिमांड मंजूर की है।

Q4. इस मामले में कितनी रकम का घोटाला बताया जा रहा है?

जांच एजेंसियों के अनुसार FLC राशि 21.48 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 173.04 करोड़ रुपये तक पहुंचाई गई थी।

Q5. क्या इस मामले में अन्य एजेंसियां भी जांच कर रही हैं?

हाँ, CBI और CBIC भी इस मामले की जांच कर चुकी हैं और कई दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।


Conclusion:

दीपक सिंगला से जुड़े इस कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले ने राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल मचा दी है। ED की जांच में फर्जी आयात दस्तावेजों और संदिग्ध कंपनियों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।Screenshot_1515

Edited By: Karan Singh

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